नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों से “एक दिन वैज्ञानिक के तौर पर बिताने” के आह्वान से प्रेरित होकर स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) मिलकर 11 और 12 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम ‘शाइन 2026’ (SHINE – Science, Health & Innovation for NextGen Explorers) के दूसरे संस्करण का आयोजन कर रहे हैं।
इस दो-दिवसीय विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान, स्वास्थ्य और नवाचार के प्रति रुचि जगाना तथा देश के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को गति देना है।
देशभर में 83 स्थानों पर जुटेंगे छात्र
यह कार्यक्रम पूरे भारत में ICMR के संस्थानों, DHR-मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाइयों (MRHRU) और उनकी संबद्ध फील्ड इकाइयों सहित 83 प्रमुख स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है।
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30,000 छात्रों की भागीदारी: इस वर्ष केवल आमंत्रण (By Invitation) के आधार पर आसपास के सरकारी और निजी स्कूलों की कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 30,000 छात्रों को आमंत्रित किया गया है।
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प्रत्यक्ष अनुभव: छात्र सीधे अनुसंधान प्रयोगशालाओं (Research Labs) में जाकर वैज्ञानिकों से रूबरू होंगे और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक आविष्कारों को करीब से देखेंगे।
क्या-क्या होगा दो-दिवसीय कार्यक्रम में?
‘शाइन 2026’ के दौरान छात्रों को वास्तविक दुनिया की स्वास्थ्य चुनौतियों से जुड़े वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने का मौका मिलेगा। आयोजन में निम्नलिखित गतिविधियां शामिल हैं:
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गाइडेड लैब विजिट: छात्र ICMR की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण करेंगे।
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अनुसंधान प्रदर्शनियां व लाइव डेमो: जारी वैज्ञानिक शोध, पोस्टर वॉक और वीडियो प्रस्तुतियों का सीधा प्रदर्शन।
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वैज्ञानिकों से सीधे संवाद: छात्र ICMR के वरिष्ठ शोधकर्ताओं से उनके दैनिक कार्य, करियर यात्रा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारों पर खुलकर चर्चा कर सकेंगे।
‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मजबूत कदम
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने भाग लेने वाले सभी छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अनुसंधान इकाइयों और प्रतिष्ठित संस्थानों के दरवाजे युवाओं के लिए खोलकर ICMR विज्ञान को सुलभ बना रहा है। इससे छात्रों को यह समझ आएगा कि वैज्ञानिक अनुसंधान किस प्रकार उनके अपने समाज की स्वास्थ्य समस्याओं का हल खोजता है, जिससे वे भविष्य में वैज्ञानिक करियर चुनने के लिए प्रेरित होंगे।

