सीतापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर में काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक अरुण सोनी से हुई करीब एक करोड़ रुपये के गहनों की उठाईगिरी के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित व्यापारियों ने शुक्रवार को अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। व्यापारी संघ के आह्वान पर पूरा सीतापुर नगर पूरी तरह बंद रहा और व्यापारियों व स्थानीय निवासियों ने कारगिल चौक पर शांतिपूर्ण ढंग से चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।
स्वस्फूर्त बंद रहा नगर, छाया रहा सन्नाटा
व्यापारी संघ की अपील का व्यापक असर देखने को मिला। नगर के व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वस्फूर्त रूप से बंद रखीं। केवल आवश्यक सेवाओं के तहत दवा दुकानों को छोड़ दिया जाए तो पूरा बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह ठप रहे, जिससे दिनभर नगर में सन्नाटा पसरा रहा। सर्राफा व्यापारी संघ समेत बड़ी संख्या में आम नागरिक भी इस आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरे।
कारगिल चौक पर चक्काजाम, लगीं वाहनों की कतारें
दुकानें बंद रखने के बाद व्यापारी और स्थानीय लोग कारगिल चौक पर एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, आंदोलनकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एम्बुलेंस की आवाजाही को पूरी तरह बाधित नहीं होने दिया। इसके अलावा, आम जनता और स्कूली बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूली बसों व अन्य यात्री वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पुलिस बल तैनात
विरोध प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए कारगिल चौक और नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते नजर आए ताकि इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उठाईगिरी के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर माल बरामद नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

