बोगोटा।
पश्चिम कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं और सैकड़ों इमारतें ढह गई हैं। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि राजधानी बोगोटा सहित छिद्रित पड़ोसी देश इक्वाडोर तक धरती कांप उठी, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र चोको क्षेत्र में सन जोस डेल पाल्मार के पास जमीन से 107 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में इस त्रासदी का खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहाँ तेज झटकों के दौरान एक भव्य चर्च की इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई और पूरे इलाके में धूल का गुबार फैल गया।
आपदा का सबसे गंभीर असर कैली, पेरेइरा, मनीजालेस और क्विब्दो जैसे प्रमुख शहरों में पड़ा है, जहाँ चोको की गवर्नर नूबिया कॉर्डोबा के अनुसार बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं। प्रशासन ने आगे आने वाले संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और नागरिकों को क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस न जाने की कड़ी हिदायत दी है।
दक्षिण अमेरिका में कुदरत का लगातार कहर
कोलंबिया में आया यह भूकंप हाल के महीनों में दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में आई दूसरी बड़ी प्राकृतिक आपदा है। इससे पहले जून में वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। जुलाई में जारी वेनेजुएला के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस आपदा में मृतकों की संख्या 5,069 तक पहुँच गई थी।

