रायपुर/30 मार्च 2026। हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में यात्रा कराने के दावे पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2014 से यही सपना भाजपा सरकार दिखा रही है लेकिन हकीकत इसके विपरीत है, मोदी सरकार में हवाई सेवा का औसत किराया 3 से 4 गुना बढ़ गया है।
सत्ता में बैठे लोग मुनाफाखोरी में हिस्सेदारी के लालच में निजी विमानन कंपनियों को लूट की खुली छूट दे दी है, यह सरकार केवल कॉर्पोरेट के मुनाफे के लिए काम कर रही है, गरीब मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों से इनका कोई सरोकार नहीं। 23 मार्च 2026 से घरेलू उड़ानों पर किराया सीमा ( Airfare Cap) हटने और ईंधन अधिभार ( Fuel Surcharge) में वृद्धि के कारण हवाई सफर और अधिक महंगा हो गया है।
सरकारी एयरलाइंस बिक चुकी है और अब निजी एयरलाइंस को मांग के अनुसार मनमाना किराया तय करने मुनाफाखोरी की खुली छूट हैं, जिससे किराए में भारी बढ़ोतरी हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार के दावे पूरी तरह से तथ्यहीन है, असलियत यह है कि इंडिगो संकट के बाद लागू किराए की अधिकतम सीमा 23 मार्च 2026 से हटा दी गई है, जिससे एयरलाइंस अब मनमाना किराया ले सकती हैं। मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण ईंधन के आयात में व्यवधान सर्वविदित है, बढ़ती कीमतों का बहाना करके निजी एयरलाइंस हवाई यात्रियों से अधिक कीमत वसूल रही है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी कंपनियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार ( Fuel Surcharge) में वृद्धि करके अतिरिक्त शुल्क वसूल रही है। इस सरकार का संरक्षण जनता से अवैध वसूली करने वाले निजी कंपनियों को है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि वर्तमान में केंद्र सरकार की गलत नीतियों, परिचालन लागत और बाजार के नियमन के कारण हवाई टिकट आम जनता के लिए महंगे हो रहे हैं, लेकिन सरकार ज़मीनी हकीकत से दूर झूठे दावे कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में रायपुर, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर के एयरपोर्ट के विकास के लिए बहुत काम किये, रनवे का विस्तार हुआ, यात्री सुविधाएं बढ़ाई लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद से यह रफ्तार धीमी हो गई। डबल इंजन सरकार में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे के विस्तार और छत्तीसगढ़ में कार्गोहब का वादा भी जुमला निकला, इस बजट में मात्र 72 करोड़ का प्रावधान वह भी एयरपोर्ट में शराब दुकानें खोलने के लिए है, न रनवे विस्तार न सुविधाओं पर कोई योजना इस सरकार की है।

