दुर्ग। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दुर्ग पुलिस एक बड़ी और आधुनिक पहल शुरू करने जा रही है। अब शहर में दौड़ने वाले सभी ऑटो और ई-रिक्शा में विशेष क्यूआर (QR) कोड लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा, बल्कि संदिग्ध व अनधिकृत वाहनों पर भी आसानी से लगाम कसी जा सकेगी। दुर्ग पुलिस प्रशासन इस नई सुरक्षा योजना को 16 अगस्त से पूरे जिले में अमलीजामा पहनाने की पूरी तैयारी कर चुका है।
एक स्कैन में सामने आ जाएगी ड्राइवर और वाहन की जानकारी
इस नई व्यवस्था के तहत हर पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा चालक को पुलिस विभाग की ओर से एक यूनिक क्यूआर कोड जारी किया जाएगा, जिसे वाहन के भीतर ऐसी जगह चस्पा करना अनिवार्य होगा जहां से यात्री उसे आसानी से देख और स्कैन कर सकें।कोई भी यात्री अपने स्मार्टफोन से कोड को स्कैन करते ही ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर तुरंत देख सकेगा।
यात्री सफर शुरू करने से पहले इस जानकारी को अपने परिजनों या परिचितों के साथ साझा भी कर सकेंगे, जिससे सफर के दौरान सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
महिला और बुजुर्ग यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
पुलिस के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य देर रात सफर करने वाले यात्रियों, महिलाओं, छात्राओं और बुजुर्गों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देना है। अक्सर देखा जाता है कि किसी अप्रिय घटना या सामान छूट जाने की स्थिति में यात्रियों के पास ऑटो का नंबर या चालक का कोई ब्योरा नहीं होता। इस क्यूआर कोड सिस्टम के लागू होने से किसी भी आपात स्थिति में सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकेगा और वाहन की तुरंत पहचान हो सकेगी।
16 अगस्त से शुरू होगा सघन अभियान और सत्यापन
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस विभाग 16 अगस्त से सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का अनिवार्य सत्यापन (वेरिफिकेशन) शुरू करेगा।सभी चालकों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें अधिकृत क्यूआर कोड आवंटित किया जाएगा।बिना क्यूआर कोड और बिना सत्यापन के सड़कों पर चलने वाले अवैध और नियम विरुद्ध वाहनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

