हाईकोर्ट सख्त: छत्तीसगढ़ के 5,000 स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट नहीं, शिक्षा सचिव से मांगी रिपोर्ट
**अम्बिकापुर | 11 अप्रैल 2026
अम्बिकापुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज जिला कलेक्टर श्री **अजीब वसंत** की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल और जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिक्षक व्यवस्था और रिक्त पदों पर सख्त निर्देश
कलेक्टर ने हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्र प्रारंभ होने से पहले ही **अतिथि व्याख्याताओं** की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए उन्होंने एक सप्ताह के भीतर रिक्त पदों की सूची प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही, स्कूलों में शिक्षकों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को तत्काल समाप्त कर उन्हें मूल पदस्थापना पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन न रहे।
छात्रों के लिए कोचिंग और बौद्धिक विकास की पहल
विद्यार्थियों के करियर को नई दिशा देने के लिए कलेक्टर ने **NEET और JEE कोचिंग** के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों की मेरिट सूची तैयार की जाए और प्रत्येक विकासखंड में कोचिंग सेंटर स्थापित कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाए। इसके अतिरिक्त, छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता और सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए स्कूलों में **’न्यूज डेस्क’** की स्थापना पर विशेष बल दिया गया है।
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अनुशासनहीनता पर बर्खास्तगी की चेतावनी
प्रशासनिक कसावट लाते हुए कलेक्टर ने लंबे समय से ड्यूटी से नदारद रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यकतानुसार **बर्खास्तगी** की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें ताकि कर्मचारियों के आश्रितों को परेशान न होना पड़े।
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बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों में तेजी
बैठक में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधूरे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने, चयनित विद्यालयों में पेयजल हेतु बोरवेल स्थापित करने और स्कूलों में एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। इसके साथ ही, विद्यार्थियों के **जाति प्रमाण पत्र** और **अपार आईडी (APAAR ID)** निर्माण की प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश दिए गए।
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कलेक्टर ने पीएमश्री विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को उनके उत्तरदायित्वों का शत-प्रतिशत पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि 16 जून तक सभी शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीयन पूर्ण हो जाए।


