राज्य के 32,295 स्कूलों के लिए 84 करोड़ से अधिक का अनुदान जारी
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी को लेकर सरकार ने इस बार नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इस सत्र में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक आईडी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए किसान पंजीयन और संशोधन की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। प्रशासन ने किसानों को अंतिम समय की भीड़ और दिक्कतों से बचने के लिए समय पर रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी है।
पुराने किसानों को दोबारा आवेदन से छूट, बदलाव होने पर कराना होगा संशोधन
पिछले वर्ष (खरीफ 2025-26) पंजीकृत रहे किसानों को राहत देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि उन्हें फिर से नया आवेदन नहीं करना पड़ेगा। ऐसे किसानों की पुरानी जानकारी को ही अगले सत्र के लिए मान्य माना जाएगा। हालांकि, यदि किसान ने नई जमीन खरीदी है, नामांतरण या फौती का मामला है, बंटवारा हुआ है, या खसरा और बैंक खाते में कोई बदलाव हुआ है, तो उन्हें 31 अक्टूबर से पहले संशोधन कराना अनिवार्य होगा। यह सुधार ऑनलाइन सोसाइटी मॉड्यूल के माध्यम से किया जाएगा।
सड़कों पर ‘आयरन केजव्हील’ ट्रैक्टरों के संचालन पर सख्ती: परिवहन विभाग ने दिए कार्रवाई के निर्देश
नियमों के दायरे में आए बटाईदार और वन पट्टाधारी
व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इस बार नियमों का दायरा बढ़ाया गया है। अब वन पट्टाधारी, डुबान क्षेत्र के किसान, कोटवार और संस्थागत (Institutional) कृषकों को भी एग्रीस्टैक पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही अधिया, रेगहा, बटाई या लीज पर खेती करने वाले किसानों को आथराइजेशन मॉड्यूल के जरिए अधिकृत किया जाएगा। शासन ने इन सभी जमीनों और खसरों की डिजिटल मैपिंग समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि धान खरीदी के दौरान किसी भी तरह के फर्जीवाड़े और आपसी विवाद को रोका जा सके।
Apple Price Hike: भारत में महंगे हुए iPad और MacBook, AI बूम के चलते कीमतों में ₹1 लाख तक की बढ़ोतरी
आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली से होगी खरीदी, नॉमिनी की व्यवस्था लागू
धान की खरीदी इस बार भी पूरी तरह से आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट/आईरिस) प्रणाली के जरिए ही की जाएगी। पंजीयन के दौरान किसान को स्वयं के साथ एक नॉमिनी का विवरण और आधार नंबर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। यदि किसान खुद केंद्र जाने में असमर्थ है, तो उसका पंजीकृत नॉमिनी जाकर धान बेच सकेगा। नॉमिनी के नाम में सुधार करने की सुविधा धान खरीदी की अंतिम अवधि तक खुली रहेगी। इसके अलावा, बिचौलियों पर लगाम लगाने के लिए हर खरीदी केंद्र पर एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (विश्वसनीय व्यक्ति) की नियुक्ति की जाएगी।

