रायपुर/जशपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनजातीय परंपरा के अनुसार धरती माता, सूर्य देव और साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और बेहतर फसल की कामना करते हुए पूजा कराने वाले बैगा से सरई (साल) फूल का शुभ आशीष ग्रहण किया।
क्या आप जानते हैं आपके परमवीर चक्र ,महावीर, कीर्ति और शौर्य चक्र वीरों को कितना सम्मान देती है छत्तीसगढ़ सरकार? देखें पदकों के हिसाब से सम्मान राशि की पूरी सूची।
जिलेवासियों को सरहुल उत्सव और हिंदू नववर्ष की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैगा, पाहन और पुजारियों द्वारा की जाने वाली यह पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री ने इसे जनजातीय समाज की जीवंत सभ्यता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जशपुर के 53 हजार से ज्यादा युवा ‘बेरोजगार’! नौकरी की तलाश में भटक रही वनांचल की युवा शक्ति, पढ़िए जशपुर की बेरोजगारी पर विशेष रिपोर्ट
सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता से किए गए वादे तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए लाखों परिवारों को छत दी जा रही है, वहीं महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है। साथ ही, विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जिससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
भारतीय रेल : डिजिटल ट्रैकिंग और क्यूआर कोड से सुनिश्चित होगी भोजन की शुद्धता
उत्सव के दौरान जशपुर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं और युवतियों ने मांदर की थाप पर मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा परिसर जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग गया। इस गौरवशाली अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, विधायक श्रीमती गोमती साय सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

