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जांजगीर-चांपा:
जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम काठापाली स्थित सरकारी स्कूल से शिक्षा के मंदिर को कटघरे में खड़ा करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है। स्कूल में पदस्थ एक शिक्षिका द्वारा अपनी गुम हुई सोने की बाली ढूंढने के लिए नन्हें बच्चों के सामने तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधि की जा रही है। इस घटना की भनक लगते ही पूरे गांव और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षिका गीता कुम्भकार की सोने की बाली स्कूल परिसर में कहीं गुम हो गई थी। बाली न मिलने पर शिक्षिका ने लाल कपड़े पर नारियल और चावल रखकर बच्चों के बीच पहुंचकर अंधविश्वास जैसी गतिविधि शुरू कर दी। इतना ही नहीं, शिक्षिका बच्चों पर चोरी का शक जताते हुए बाली वापस लौटाने की बात कह रही हैं और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ भी दे रही हैं।
बच्चों ने जब इस डरावनी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, तो आक्रोशित अभिभावकों ने तुरंत स्कूल के प्रधानपाठक से इसकी शिकायत की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रधानपाठक ने तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पूरी स्थिति से अवगत कराया।
शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसर में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालने वाली इस गतिविधि को बेहद गंभीरता से लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शिक्षिका गीता कुम्भकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि किसी शैक्षणिक संस्थान में बच्चों के सामने इस प्रकार की गतिविधि पूर्णतः अनुचित है। शिक्षिका का आधिकारिक जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

