रायपुर, 17 जून 2026
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और सख्ती लाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में आरटीओ/डीटीओ प्रवर्तन अमले, बस संचालक संघ और वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया कि सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारी अब अनिवार्य रूप से अपने पदस्थापना मुख्यालय में ही रहकर काम करेंगे और उनके मुख्यालय छोड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
राजस्व प्राप्ति को गति देने के लिए विभाग ने जिलावार बकाया कर की समीक्षा की है। परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि बकाया कर जमा न करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकाएदार वाहनों की सूची उपलब्ध कराई जा रही है ताकि सख्ती से वसूली की जा सके। बस संचालन को लेकर भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है और अब बस स्टैंडों पर बसों की दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी। जो बस संचालक परमिट लेने के बाद भी बसों का संचालन नहीं कर रहे हैं, उनके परमिट निरस्त किए जाएंगे ताकि पात्र नए आवेदकों को मौका मिल सके। इसके अलावा, समय सारिणी का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसते हुए विभाग ने दुर्ग के एक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर में अवैध फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में सेंटर के साथ-साथ वाहन मालिकों और वेंडरों पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। लग्जरी बसों की सघन जांच होगी और यदि उनमें ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान या ओवरलोडिंग पाई जाती है, तो वाहन को जब्त कर संबंधित के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए टेस्ट केवल आरटीओ या अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में कार्यालय के भीतर ही आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आम नागरिकों और डीलरों को राहत देते हुए विभाग ने ई-चालान भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय लिया है। ANPR सिस्टम के जरिए कटे चालानों के भुगतान के लिए परिवहन कार्यालयों में पृथक काउंटर स्थापित किए जाएंगे और गलत चालान की स्थिति में आपत्ति दर्ज कराने पर तुरंत सत्यापन कर उसे निरस्त किया जाएगा। नए वाहनों के पंजीयन और यूज्ड कार नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है, हालांकि डीलरों को ट्रेड सर्टिफिकेट और सर्विस सेंटर के निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, जिसके तहत आरटीओ/डीटीओ स्वयं दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे। परिवहन आयुक्त ने इन सभी निर्देशों का 15 दिनों के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने और रिपोर्ट भेजने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

