ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को न्यायधीश और कर्मफल दाता माना गया है। शनि का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में गहरे और दीर्घकालिक परिणाम लाता है। यह ग्रह करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति, मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है। यदि कुंडली में शनि की स्थिति अनुकूल हो तो जातक को जबरदस्त सफलता मिलती है, लेकिन यदि शनि अशुभ हों तो जीवन में कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं।शनि ग्रह की गति और प्रभावशनि नवग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। यह लगभग ढाई वर्षों तक एक ही राशि में स्थित रहता है और फिर दूसरी राशि में प्रवेश करता है। इसकी धीमी गति के कारण शनि के प्रभाव दीर्घकालिक होते हैं। शनि का गोचर (राशि परिवर्तन) व्यक्ति की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा पर भी प्रभाव डालता है। इस कारण, जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही होती है, उनके लिए यह समय बेहद संवेदनशील हो जाता है।शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभावज्योतिष के अनुसार, जब शनि जन्म राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में प्रवेश करता है, तब साढ़ेसाती का प्रभाव पड़ता है। यह अवधि सात साल, छह महीने (कुल 7.5 वर्ष) की होती है, और यह जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावित करती है।साढ़ेसाती का पहला चरण: मानसिक और आर्थिक संघर्ष बढ़ता है।साढ़ेसाती का दूसरा चरण: करियर और व्यवसाय में अस्थिरता आती है।साढ़ेसाती का तीसरा चरण: स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।इसी तरह, जब शनि चंद्र राशि से चौथे और आठवें भाव में होते हैं, तब ढैय्या (अर्ध-साढ़ेसाती) चलती है, जो लगभग ढाई साल तक प्रभावी रहती है।शनि गोचर 2025: कौन-सी राशियाँ होंगी प्रभावित?2025 में शनि कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होगा, जबकि कुछ राशियों के लिए चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।इन राशियों से हटेगी साढ़ेसाती:मकर राशि: 7.5 वर्षों की कठिनाइयों से राहत मिलेगी, करियर में सफलता मिलेगी।धनु राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, रुके हुए कार्य पूरे होंगे।मीन राशि: संघर्षों का अंत होगा, परिवार में खुशहाली आएगी।इन राशियों पर शुरू होगी साढ़ेसाती:मेष राशि: मानसिक तनाव बढ़ सकता है, कार्यक्षेत्र में संघर्ष रहेगा।वृषभ राशि: वित्तीय चुनौतियाँ आ सकती हैं, धैर्य रखना जरूरी होगा।मीन राशि: साढ़ेसाती का प्रारंभिक चरण होगा, संयम से काम लेना फायदेमंद रहेगा।इन राशियों पर ढैय्या का प्रभाव:सिंह राशि: करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, धैर्य रखना होगा।कन्या राशि: स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है।शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय1. शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करें और काले तिल, तेल और उड़द दान करें।2. हनुमान चालीसा का पाठ करें, क्योंकि हनुमान जी की कृपा से शनि के कष्ट कम होते हैं।3. गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराएँ, विशेषकर श्रमिक वर्ग की मदद करें।4. काले घोड़े की नाल या शनि यंत्र धारण करें, जिससे नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं।5. शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएँ और दीपक जलाएँ।निष्कर्ष:शनि का गोचर 2025 कई राशियों के लिए नई संभावनाएँ लेकर आएगा, जबकि कुछ राशियों के लिए धैर्य की परीक्षा होगी। लेकिन याद रखें, शनि हमेशा कर्मों का फल देते हैं। यदि व्यक्ति सद्कर्म करता है और सही उपाय अपनाता है, तो वह किसी भी संकट से उबर सकता है।