अब शिक्षा की कमान संभालेंगे ‘Frontier AI’ मॉडल! जानिए क्या बदलेगा क्लासरूम में…?
नवा रायपुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और गंभीर कदाचार के मामले में एक व्याख्याता (शिक्षक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरई (फरसाबहार) में पदस्थ व्याख्याता श्री दीपक तिग्गा पर अनुशासनहीनता और धार्मिक पुस्तकें बांटने जैसे गंभीर आरोप पाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 237, दिनांक 17/02/2026) के मुताबिक, शिक्षक पर निम्नलिखित अनियमितताओं के आरोप हैं: जिसमें सोशल मीडिया और वेब न्यूज के अनुसार, श्री तिग्गा ने 10 फरवरी 2026 को विद्यालय के छात्र-छात्राओं को बाइबिल की छोटी पुस्तकें बांटी थीं।शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृत कराए बगैर विद्यालय से लगातार अनुपस्थित पाए गए। विद्यालय समय में अध्यापन कार्य छोड़कर अन्यत्र चले जाना, शिक्षक दैनंदिनी (डायरी) तैयार न करना और विषय का पाठ्यक्रम पूरा न करना।
उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बावजूद हस्ताक्षर करना और प्राचार्य द्वारा जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ को लेने से इनकार करना।
निलंबन और कानूनी कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री तिग्गा का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं 7 के विपरीत है और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
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अतः उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जशपुर नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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