जशपुर |
कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री यू. डी. मिंज ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में एक अद्भुत और अजीबो-गरीब उदाहरण सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोतबा में पिछले 6 महीनों से डॉक्टर की स्थायी पदस्थापना नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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उन्होंने बताया कि जब जनता के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं—सुमित शर्मा, सुकृत सिंह, आकाश मित्तल, रवि शर्मा तथा पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव सहित अन्य—ने विरोध-आंदोलन किया, तब समाधान के नाम पर पूरे जनवरी माह के लिए अलग-अलग अस्पतालों से अलग-अलग डॉक्टरों की अस्थायी ड्यूटी PHC कोतबा में लगा दी गई।
इस व्यवस्था के चलते—डॉक्टर परेशान, मरीज परेशान, पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था अव्यवस्थित बनी हुई है।
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श्री मिंज ने कटाक्ष करते हुए कहा, “वाह भई वाह! ऐसे अनोखे आदेश और प्रशासनिक क्षमता को खूब बधाई। यह भी शायद ‘Zero Tolerance’ का ही एक नया और अनोखा उदाहरण है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक केंद्र में स्थायी डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका, तो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का अंदाज़ा अपने-आप लग जाता है।

