नई दिल्ली:
देश के प्रमुख शहरों में दिन-ब-दिन विकराल होती ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत 5 लाख से अधिक आबादी वाले 45 प्रमुख शहरों की पहचान की गई है, जहां नए रिंग रोड और बाईपास बनाए जाएंगे या मौजूदा हाईवे का आधुनिकीकरण किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इन नए ‘एक्सेस कंट्रोल्ड’ रिंग रोड पर टोल प्लाजा पर लंबी कतारें नहीं लगेंगी, बल्कि अत्याधुनिक मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक से टोल टैक्स कटेगा।
क्या है MLFF तकनीक और कैसे करेगी काम?
मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) एक बिना बैरियर वाली अत्याधुनिक टोल कलेक्शन प्रणाली है:
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बिना ब्रेक कटेगा टोल: गाड़ियां बिना रुके करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल पॉइंट से सरपट निकल सकेंगी।
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हाई-स्पीड सेंसर्स और कैमरे: इस तकनीक में अमेरिकी कंपनी ‘जेब्रा’ के हाई-स्पीड रीडर्स और आधुनिक कैमरों का इस्तेमाल किया गया है।
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जबरदस्त क्षमता: यह सिस्टम एक सेकंड में करीब 1,300 फास्टैग या टैग पढ़ने में सक्षम है, जिससे टोल पर गाड़ियों के रुकने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
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केवल एक्सेस कंट्रोल्ड रूट्स पर लागू: यह सुविधा केवल उन्हीं नए रिंग रोड पर अनिवार्य होगी जो पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होंगे, यानी जहां वाहनों के चढ़ने और उतरने के लिए सीमित और तय एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स बनाए जाएंगे।
लिस्ट में यूपी के 3 शहरों समेत देश के कई बड़े महानगर
इस महत्वाकांक्षी योजना के दायरे में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक के कई बड़े शहरों को शामिल किया गया है: प्रयागराज, अलीगढ़ और वाराणसी। दिल्ली, पटना, चंडीगढ़, देहरादून, उदयपुर, अहमदाबाद, अमरावती, बंगलूरू, सलेम, त्रिची, कोयंबटूर और गुवाहाटी।
मंत्रालय के अनुसार, इनमें से कई शहरों में जमीन अधिग्रहण और निर्माण से जुड़े काम तेजी से शुरू भी कर दिए गए हैं, जिससे आने वाले समय में लाखों वाहन चालकों को शहर के भीतरी जाम से बड़ी राहत मिलेगी।


