Tomato की कीमतों में आई भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र की पिंपलगांव APMC मंडी में महज एक सप्ताह के भीतर टमाटर के 20 किलो के क्रेट का औसत थोक भाव ₹321 से घटकर ₹111 रह गया। यानी कीमत में करीब 65.4% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, नासिक के खुदरा बाजार में भी टमाटर करीब ₹40 से घटकर ₹20 प्रति किलो पर आ गया है। इससे ग्राहकों को राहत मिल सकती है, लेकिन खेती की लागत निकालने में जुटे किसानों के सामने अब अपनी उपज का सही दाम पाने की चुनौती है।
Tomato Price Crash: मंडियों में क्यों गिर रहे हैं दाम?
पिंपलगांव APMC में रोजाना करीब 3 लाख से 3.75 लाख क्रेट टमाटर पहुंच रहे हैं। अधिक आवक और कमजोर मांग के कारण थोक कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
मंडी में Tomato की गुणवत्ता के अनुसार भाव में बड़ा अंतर है। सोमवार को 20 किलो के क्रेट की कीमत ₹20 से ₹331 तक रही। कम गुणवत्ता वाले टमाटर बेहद कम भाव पर बिके, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटरों को अपेक्षाकृत बेहतर कीमत मिली।
गर्मी और कमजोर मांग ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
व्यापारियों के मुताबिक, अधिक तापमान के कारण टमाटर जल्दी पक रहे हैं। इससे कम समय में बड़ी मात्रा में फसल मंडियों तक पहुंच रही है। वहीं, नवरात्र के दौरान कारोबार में सुस्ती, कमजोर निर्यात मांग और दूसरे राज्यों में स्थानीय सप्लाई ने भी कीमतों पर असर डाला है।
किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी और परिवहन पर खर्च करना पड़ता है। ऐसे में थोक भाव में तेज गिरावट से उनकी लागत निकालना मुश्किल हो सकता है।
क्या आगे और सस्ता होगा टमाटर?
खुदरा बाजार में थोक कीमतों का असर दिखने में एक से दो दिन लग सकते हैं। यदि मंडियों में आवक अधिक बनी रहती है और मांग में सुधार नहीं होता, तो टमाटर की कीमतों में और गिरावट संभव है। हालांकि, यह मौसम, सप्लाई और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
Tomato की कीमतों पर नजर रखने वाले ग्राहकों के लिए मुख्य बातें:
- पिंपलगांव मंडी में औसत थोक भाव: ₹111 प्रति 20 किलो क्रेट।
- नासिक में खुदरा भाव: करीब ₹20 प्रति किलो।
- किसानों की चुनौती: कम कीमत में उत्पादन लागत निकालना।
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