/उमेश कुमार अंम्बिकापुर/ बतौली सरगुजा,16 मई को हुई थी घटना सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत सेदम में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पुल निर्माण स्थल के पास एक नया ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर तेज रफ्तार में सड़क पर दौड़ पड़ा
घटना के दौरान मौके पर काम कर रहे महिला और पुरुष मजदूरों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गईप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि मजदूर समय रहते भागकर अपनी जान नहीं बचाते, तो कई लोगों की जान जा सकती थी।
10 रुपए के स्टांप पर 300 की वसूली, बतौली तहसील में शपथ पत्र के नाम पर खुली लूट, गरीब जनता परेशान
घटना में एक ग्रामीण घायल हो गया, जबकि कई मजदूर बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टर जिस तरह भीड़भाड़ और निर्माण कार्य के बीच लापरवाही से चलाया जा रहा था, उसने कुछ पलों के लिए पूरे इलाके की सांसें रोक दीं। लोगों ने इसे “यमदूत बनकर दौड़ता ट्रैक्टर” तक बताया।
निर्माण स्थल पर नहीं थे सुरक्षा इंतजाम
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जहां पुल निर्माण कार्य चल रहा था, वहां न कोई सूचना पटल लगाया गया था, न चेतावनी बोर्ड और न ही मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था की गई थी। खुलेआम सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
वही बताया जा रहा है कि यह पुल निर्माण कार्य लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ था। शिकायतों के बाद हाल ही में कार्य दोबारा शुरू किया गया, लेकिन काम शुरू होते ही गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों को नजरअंदाज कर दिया गया।
मजदूरों में मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संबंधित ट्रैक्टर सीधे पुल निर्माण कार्य में उपयोग नहीं हो रहा था, लेकिन उसे निर्माण स्थल और मजदूरों की भीड़ के बीच बेहद लापरवाही से चलाया जा रहा था। अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और तेज रफ्तार में सड़क पर दौड़ पड़ा।इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, जबकि कई महिलाएं डर के कारण चीखने लगीं।
हम जान बचा रहे हैं या अनजाने में जान ले रहे हैं? सड़क हादसों में मदद का वो तरीका जो बन रहा है ‘काल’
थाने पहुंचा ट्रैक्टर, समझौते की चर्चा तेज
घटना की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को थाना बतौली पहुंचाया। हालांकि इसके बाद मामला नया मोड़ लेता दिखाई दिया। गांव में चर्चा है कि मामला बढ़ता देख सरपंच अपने बचाव में सक्रिय हो गया और समझौते के जरिए पूरे घटनाक्रम को दबाने की कोशिश शुरू कर दी गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे की गंभीरता और लोगों की सुरक्षा से ज्यादा चिंता जिम्मेदारी से बचने की की जा रही है।
धरती के गर्भ से मिला अनोखा सुराग: कोयले के भीतर छिपी है 25 करोड़ साल पुरानी आग की कहानी
ट्रैक्टर मालिक पर भी लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर मालिक संतोष पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहन को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में लापरवाहीपूर्वक चलाया गया, जिससे मजदूरों की जान खतरे में पड़ गई। लोगों का कहना है कि यदि मजदूर समय रहते नहीं भागते, तो कई परिवारों में मातम छा सकता था।
पटरियों पर दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: इस रूट से होगी शुरुआत, प्रदूषण से मिलेगी पूरी आजादी
ग्रामीणों की मांग – निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
अब पूरे गांव में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना सुरक्षा व्यवस्था, बिना सूचना पटल और नियमों की अनदेखी के बीच यह निर्माण कार्य किसके संरक्षण में चल रहा था। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच तथा दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि अब भी सख्ती नहीं हुई, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नो पेपर, नो डिले: छत्तीसगढ़ मंत्रालय में 1 जून से ‘ई-ऑफिस’ अनिवार्य, लापरवाही पर सीधे लौटेगी फाइल


