जशपुर दौरे पर पहुंचे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ आशा लकड़ा से जशपुर जिले के आदिवासी समुदाय ने अपने हक की मांग की है जिसमें मुख्य रूप से सर्व आदिवासी समाज,उरांव प्रगतिशील समाज, आदिवासी समन्वय मंच, आदिवासी महासभा , आदिवासी परिषद, ईसाई आदिवासी महासभा , छत्तीसगढ़ गोंड समाज, छत्तीसगढ़ कंवर समाज और राजी पड़हा समाज के प्रतिनिधियों ने मिलकर अपनी मांग रखते हुए अवगत कराया है। जिसमें मुख्य रूप से अनुसूचित क्षेत्रो में नगर निगम, नगर पालिका , नगर पंचायत के गठन को समाप्त किया जाए यह भारतीय संविधान के खिलाफ है जिससे आदिवासी अस्तित्व को खतरा है। नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आवंटन एवं अतिक्रमण भूमि के व्यवस्थापन को पांचवी अनुसूची में लागू किया जाए।
अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम 2006 को संविधान की पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में अपवादों और उपरांतरणो के साथ लागू किया जाए । पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित शरणार्थियों पुनर्वास के तहत आवंटित भूमि को गैर आदिवासीयों को अंतरण किये जाने से प्रतिबंध करने की मांग की है । आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि हम पांचवी अनुसूचित जनजाति के आदिवासी हैं हमें अपना हक चाहिए ।

