रायपुर: दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मौसम तंत्र एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में 19 से 24 सितंबर 2026 तक झमाझम बारिश का नया दौर देखने को मिलेगा। विशेषकर उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 22 से 24 सितंबर के बीच कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम का मिजाज: 22 से 24 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र के असर से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी:
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गरज-चमक और वज्रपात की आशंका: 19 सितंबर से ही राज्य के अनेक जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
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तीन दिन भारी बारिश: 22, 23 और 24 सितंबर को सिस्टम के अधिक प्रभावी होने से उत्तरी छत्तीसगढ़ समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।
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सावधानी बरतने की सलाह: मौसम विभाग ने तेज गर्जना और बिजली चमकने के दौरान किसानों व आम नागरिकों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने का परामर्श दिया है।
मानसून के इस ताजा स्पेल से प्रदेश के किसानों में भारी उत्साह है:
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बालियां निकलने का नाजुक दौर: वर्तमान में खेतों में धान के पौधों में बालियां (गाभा व दूधिया अवस्था) आने की प्रक्रिया चल रही है। इस समय फसल को सबसे ज्यादा पानी और नमी की आवश्यकता होती है।
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उत्पादन में होगा सुधार: आगामी दिनों में होने वाली यह बारिश न सिर्फ खेतों में पानी की कमी को पूरा करेगी, बल्कि धान के दानों में बेहतर भराव और चमक लाएगी, जिससे इस खरीफ सीजन में बंपर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।























