पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों के DA में 8% की भारी बढ़ोतरी, 50% पर पहुंचा महंगाई भत्ता; जानें केंद्र और छत्तीसगढ़ में क्या है स्थिति
रायपुर: छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय ने शासकीय राशि के गबन और वेतन भुगतान में भारी अनियमितता के मामले में सख्त कदम उठाया है। महासमुंद जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर से जुड़े वित्तीय अनियमितता के इस प्रकरण में लापरवाही और मिलीभगत सामने आने पर प्रभारी प्राचार्य समेत तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इंस्पायर-अवार्ड मानक योजना: बाल वैज्ञानिकों को मॉडल बनाने मिलेंगे ₹10,000, हर स्कूल से 5 नामांकन अनिवार्य; तिथि बढ़ने के बाद भी स्कूलों की सुस्ती
जिन कर्मचारियों पर गिरी गाज, उनके नाम:
- उमा ठाकुर (प्रभारी प्राचार्य)
- नारायण प्रसाद निर्मलकर (सहायक ग्रेड-2)
- अकील मोहम्मद खान (सहायक ग्रेड-2)
नशेड़ी बाबू और छात्रों को उकसाने वाले भृत्य पर गिरी गाज: प्राचार्य व व्याख्याता के खिलाफ उच्च स्तर पर पत्र प्रेषित, स्कूल तालाबंदी केस में DEO का कड़ा एक्शन
क्या है पूरा मामला?
आदेश के मुताबिक, सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर पर गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप हैं। उन्होंने जुलाई 2024 के वास्तविक वेतन-भत्तों में भारी वृद्धि कर फर्जी वेतन देयक (बिल) के माध्यम से कोषालय (Treasury) से राशि आहरित की। इसके अलावा, मई 2025 से जनवरी 2026 तक के नियमित वेतन बिलों में ऑनलाइन हेरफेर कर मूल वेतन और भत्तों की राशि में अवैध रूप से इजाफा किया और ई-बिल के जरिए उसका भुगतान भी करा लिया।
संचालनालय के आदेश में इस कृत्य को सीधा फ्रॉड, शासकीय नियमों की घोर उपेक्षा और सुनियोजित मिलीभगत बताकर शासकीय धन को भारी नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया गया है।
पीडब्ल्यूडी में 1 अक्टूबर से बदलेगा टेंडर सिस्टम: अब GePNIC पोर्टल पर होंगी सभी नई निविदाएं, ठेकेदारों के लिए नामांकन अनिवार्य”
इस गंभीर वित्तीय अनियमितता में प्रशासनिक लापरवाही और संलिप्तता पाए जाने पर प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और दूसरे सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की गई है।

निलंबन अवधि के दौरान इन सभी कर्मचारियों का मुख्यालय निर्धारित नियमों के तहत तय किया गया है, और निलंबन काल में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से शिक्षा विभाग और अन्य कार्यालयों के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।























