नई दिल्ली
भारत के विमानन (एविएशन) क्षेत्र को और अधिक मजबूत और व्यापक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और परिवर्तनकारी कदम उठाया है। सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, देश के एयरमैप पर अधिक से अधिक क्षेत्रीय शहरों को जोड़ने के लिए संशोधित ‘उड़ान’ (UDAN – उड़े देश का आम नागरिक) योजना के नए चरण को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश भर में 100 नए हवाई अड्डों (एयरपोर्ट) और 200 आधुनिक हेलीपैड के निर्माण की परिकल्पना की गई है।
28,840 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट
क्षेत्रीय हवाई संपर्क को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए सरकार ने इस संशोधित उड़ान स्कीम के लिए 28,840 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस विशाल बजट का मुख्य उद्देश्य देश के उन छोटे और क्षेत्रीय शहरों तक हवाई सेवाएं पहुंचाना है, जो अब तक विमानन नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। इस कदम से न केवल हवाई यात्रा सुगम होगी, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में व्यापार और पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।
घरेलू विमानन बाजार में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर
अक्तूबर 2016 में शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित हुई है। इस योजना ने देश के अल्प-सेवित (कम उड़ानों वाले) और असेवित (बिना उड़ानों वाले) क्षेत्रों की तस्वीर बदल दी है। इसी का नतीजा है कि आज भारत घरेलू विमानन बाजार (डोमेस्टिक एविएशन मार्केट) के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है।
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एक दशक में दोगुने से अधिक हुए संचालित एयरपोर्ट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में देश के विमानन बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में अभूतपूर्व विकास हुआ है। साल 2014 में जहां देश में संचालित (ऑपरेशनल) हवाई अड्डों की संख्या महज 74 थी, वहीं पिछले 12 वर्षों में तेजी से बढ़ते हुए 15 जुलाई तक यह आंकड़ा 165 तक पहुंच गया है। अब 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड की इस नई योजना के धरातल पर उतरने के बाद देश का हवाई नेटवर्क दुनिया के सबसे आधुनिक और सघन नेटवर्कों में से एक हो जाएगा।
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