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नई दिल्ली
कोरोनावायरस का नाम सुनते ही साल 2020-23 का वह खौफनाक दौर याद आ जाता है, जब एक अदृश्य वायरस ने पूरी दुनिया की रफ्तार थाम दी थी. एक बार फिर कोरोना देश-दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है. अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बीते जून के महीने में चीन में करीब 80 हजार संक्रमण के मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद अब भारत में भी पिछले कुछ हफ्तों से इसे लेकर चिंता देखी जा रही है.
16 दिनों में आए 339 मामले, केरल और कर्नाटक टॉप पर
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 से 16 जुलाई तक पूरे देश में कोरोना के करीब 339 नए मामले सामने आ चुके हैं.
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केरल: देश में सबसे ज्यादा 115 मामले अकेले केरल में दर्ज किए गए हैं.
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कर्नाटक: 64 मामलों के साथ कर्नाटक दूसरे स्थान पर है.
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महाराष्ट्र व तमिलनाडु: महाराष्ट्र में 43 और तमिलनाडु में 39 संक्रमित मिले हैं.
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दिल्ली व अंडमान-निकोबार: दोनों ही जगहों पर 18-18 मामले सामने आए हैं.
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राजस्थान व आंध्र प्रदेश: राजस्थान में 12 और आंध्र प्रदेश में भी अब तक 12 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं.
इसके अलावा महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी संक्रमण की रफ्तार में बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं हाल ही में गायक और पूर्व बिग बॉस प्रतियोगी जान कुमार सानू के भी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की खबर आई है.
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आंध्र प्रदेश में कोरोना से 4 की मौत, लेकिन सभी पहले से थे गंभीर बीमार
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त जी. वीरापांडियन ने बताया कि राज्य में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोविड-19 के जो 12 मामले आए, उनमें से 4 मरीजों की मौत हो गई. राहत की बात यह है कि ये मौतें सीधे कोरोना के कारण नहीं हुईं; मरने वाले चारों मरीज पहले से ही कई गंभीर और पुरानी बीमारियों से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनकी सेहत बेहद कमजोर थी और संक्रमण उनके लिए घातक साबित हुआ. इन मौतों में से तीन कडप्पा जिले में और एक काकीनाडा जिले में दर्ज की गई है. साल 2026 में आंध्र प्रदेश का पहला मरीज 26 जून को कडप्पा में मिला था.
सामूहिक संक्रमण (क्लस्टर) का खतरा नहीं, आसानी से ठीक हो रहे मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राहत की बात यह है कि ये सभी मामले किसी एक खास इलाके या बड़े समूह से जुड़े नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों से छिटपुट रूप में सामने आए हैं. इसलिए फिलहाल इसे ‘सामूहिक संक्रमण’ (क्लस्टर) नहीं माना जा रहा है.
आंध्र प्रदेश में 26 जून से 15 जुलाई के बीच किए गए 67 टेस्ट में से 11 पॉजिटिव आए और 12वां मरीज तमिलनाडु के वेल्लोर (क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज) में जांच के दौरान मिला. वर्तमान में 3 मरीज डॉक्टरों की सलाह पर होम आइसोलेशन में हैं, 2 का अस्पताल में इलाज चल रहा है और 3 मरीज पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं.
लक्षण हल्के, घबराने की कोई बात नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना अब ‘एंडेमिक’ (यानी एक सामान्य स्थानीय बीमारी) का रूप ले चुका है, इसलिए घबराने या पैनिक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. वर्तमान में अधिकांश संक्रमित मरीजों में बेहद हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं. लोगों में सामान्य सर्दी, गले में खराश, हल्का बुखार, खांसी, सिरदर्द या बदन दर्द जैसी शिकायतें आ रही हैं, जो घर पर आराम करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और डॉक्टरों की सामान्य सलाह व दवाओं से आसानी से ठीक हो रही हैं.

