बलरामपुर: जिले के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से 4 अगस्त को ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन’ परीक्षा के तहत एक विशेष ऑनलाइन ट्रेनिंग सत्र का आयोजन किया गया। बलरामपुर जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी एवं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्री एम. आर. यादव की विशेष पहल पर आयोजित इस कार्यशाला में जिले भर के 100 शिक्षकों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की।
यह कार्यशाला विद्यार्थी विज्ञान मंथन के स्टेट कोऑर्डिनेटर गौरव वर्मा एवं विवेक पाठक के सहयोग से आयोजित की गई। ट्रेनिंग के दौरान मुख्य वक्ता गौरव वर्मा ने शिक्षकों को परीक्षा पंजीयन की प्रक्रिया, प्रारूप और छात्रों को इससे मिलने वाले दूरगामी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
क्या है विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा? यह 4 स्तरों पर आयोजित होने वाली देश की प्रमुख विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा है। इसमें भारत के साथ-साथ विदेशों में अध्ययनरत कक्षा 6वीं से 11वीं तक के विद्यार्थी भाग लेते हैं।
छात्रों के लिए मुख्य आकर्षण और लाभ:
राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चयन: हर वर्ष प्रत्येक राज्य से कक्षा 6वीं से 11वीं के 150 विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय कैंप के लिए और 12 सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय कैंप के लिए किया जाता है।
ISRO व DRDO में विजिट: इसमें सफल होने वाले छात्रों को न केवल आकर्षक पुरस्कार एवं छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, बल्कि उन्हें देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों जैसे ISRO (इसरो) और DRDO (डीआरडीओ) का शैक्षणिक भ्रमण (विजिट) करने का दुर्लभ अवसर भी मिलता है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय शिक्षा मंत्रालय, NCERT और SCERT जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भी विभिन्न राज्यों और जिलों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस परीक्षा में भाग लेने हेतु प्रेरित करने का आग्रह किया है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की इस पहल से बलरामपुर जिले के अधिक से अधिक छात्रों को इस राष्ट्रीय मंच का लाभ मिलने की उम्मीद है।

