विधानसभा में गूंजा भवनविहीन महाविद्यालयों का मुद्दा
रायपुर:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय महाविद्यालयों के बुनियादी ढांचे को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। विधायक श्री सुनील कुमार सोनी द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न (क्र. 92) के लिखित जवाब में उच्च शिक्षा विभाग का कार्यभार देख रहे राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्वीकार किया है कि प्रदेश के 111 शासकीय महाविद्यालय वर्तमान में भवनविहीन हैं और उनके पास स्वयं का कोई भवन उपलब्ध नहीं है।
सदन में यह मामला उठने के बाद प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और कॉलेजों की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विधायक ने पूछा- बिना भवन कैसे चल रही हैं लैब और लाइब्रेरी?
विधायक सुनील कुमार सोनी ने सदन में सरकार से सवाल पूछा था कि प्रदेश में ऐसे कितने महाविद्यालय हैं जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है और ये किस वर्ष से संचालित हो रहे हैं? इसके साथ ही उन्होंने यह गंभीर मुद्दा भी उठाया कि क्या इन भवनविहीन महाविद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को लैब (प्रयोगशाला) और लाइब्रेरी (पुस्तकालय) आदि जैसी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं? उन्होंने सरकार से उन कारणों की भी जानकारी मांगी थी, जिनकी वजह से अब तक इन महाविद्यालयों को खुद का भवन आवंटित नहीं किया जा सका है।
विधायक के इस सवाल पर लिखित उत्तर देते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 111 शासकीय महाविद्यालय ऐसे हैं, जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है।
मंत्री ने बताया कि ये कॉलेज किस वर्ष से संचालित हो रहे हैं, वहां लैब व लाइब्रेरी की वर्तमान में क्या व्यवस्था है और भवन निर्माण में अब तक क्या अड़चनें आई हैं, इन सभी बिंदुओं से जुड़ी शेष पूरी जानकारी विस्तृत विवरण के साथ प्रपत्र में संलग्न कर दी गई है, जिसे विधानसभा पटल पर ‘परिशिष्ट-छप्पन’ के रूप में रखवाया गया है। इतने बड़े पैमाने पर कॉलेजों के पास अपना भवन न होने के आंकड़े सामने आने के बाद आने वाले दिनों में विपक्ष इस पर सरकार से तीखे सवाल कर सकता है।

