बिजली बिलों में बढ़ोतरी पर विधानसभा में सवाल; मुख्यमंत्री साय ने बताया किन वजहों से बढ़ती हैं दरें
रायपुर:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में अम्बिकापुर से पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान में हो रही देरी का मामला सामने आया है। विधायक श्री रामकुमार टोप्पो द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न (क्र. 178) के लिखित जवाब में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बताया कि इस मार्ग के लिए बतौली और सीतापुर तहसील के 551 भूस्वामियों की कुल 28.831 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि करोड़ों रुपये का मुआवजा स्वीकृत होने के बावजूद 151 भूस्वामियों को भुगतान मिलना अभी बाकी है।
मंत्री द्वारा विधानसभा पटल पर प्रस्तुत की गई जानकारी के अनुसार, तहसील बतौली के अंतर्गत 158 भूस्वामियों से 3.513 हेक्टेयर जमीन ली गई है, जबकि तहसील सीतापुर के 393 भूस्वामियों से 25.318 हेक्टेयर रकबा अधिग्रहित किया गया है। इन सभी प्रभावित भूस्वामियों के नाम और रकबे की पूरी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘अ’ में संलग्न की गई है।
मुआवजे की वर्तमान स्थिति
राजमार्ग निर्माण से प्रभावित इन किसानों और भूस्वामियों के लिए सरकार द्वारा कुल 67,96,75,254 रुपये (सड़सठ करोड़ छियानवे लाख पचहत्तर हजार दो सौ चौवन रुपये) की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई थी। इस स्वीकृत राशि में से अब तक 56,70,69,696 रुपये का भुगतान प्रभावितों को किया जा चुका है। हालांकि, मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क एवं परिवहन विभाग रायपुर से शेष राशि अप्राप्त होने की वजह से अभी भी 11,26,05,558 रुपये का भुगतान रुका हुआ है, जिससे 151 भूस्वामियों के मुआवजा प्रकरण लंबित पड़े हैं। राजस्व मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही संबंधित विभाग से यह राशि प्राप्त होगी, प्रभावित भूस्वामियों को बिना किसी देरी के तुरंत भुगतान कर दिया जाएगा।

