मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास को जनभागीदारी से मिलेगा नया संबल : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर, 10 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बच्चों, माताओं एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026 पूरे प्रदेश में शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आयोजित इस राज्यव्यापी अभियान की इस वर्ष की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। अभियान के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बच्चों और माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय पोषण माह केवल जागरूकता का अभियान नहीं, बल्कि पोषण को जनआंदोलन बनाने का अवसर है। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ परिवार, समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक आहार का होगा प्रदर्शन
पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं कम लागत वाली खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन किया जाएगा। पोषण मेलों के माध्यम से मिलेट्स, मौसमी फल-सब्जियां, दालें, दुग्ध उत्पाद, मेवे एवं विभिन्न प्रकार के बीजों के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी जाएगी। ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के माध्यम से परिवारों को दैनिक भोजन में प्राकृतिक एवं किफायती प्रोटीन स्रोतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष निगरानी
आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं विविधता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नाश्ते एवं गर्म भोजन का साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड केंद्रों में प्रदर्शित किया जाएगा। भोजन की तैयारी एवं वितरण में पारदर्शिता तथा सामुदायिक निगरानी के लिए अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों एवं मातृ समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

जीवन के पहले 1000 दिनों पर विशेष फोकस
पोषण माह के दौरान बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण एवं संवेदनशील देखभाल के महत्व के प्रति परिवारों को जागरूक किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर माताओं एवं अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य और बाल देखभाल संबंधी परामर्श दिया जाएगा। ‘नवचेतना’ एवं ‘आधारशिला’ पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ बच्चों में विकासात्मक विलंब की प्रारंभिक पहचान पर भी जोर दिया जाएगा। आवश्यकता होने पर बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की मेडिकल टीमों के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में संदर्भित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का होगा 100 प्रतिशत सैचुरेशन
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान चलाया जाएगा। लंबित आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन, स्वीकृति एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मैदानी स्तर पर पात्रता एवं योजना के लाभों की जानकारी देकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।

जनभागीदारी से बनेगा पोषण का जनआंदोलन
पूरे प्रदेश में आयोजित होने वाली गतिविधियों में जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय से जोड़ते हुए पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा बाल विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जाएगा। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बच्चों का सुपोषण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समुदाय और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ शुरू हुआ राष्ट्रीय पोषण माह-2026 प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को सुपोषण, संवेदनशील देखभाल और बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।























