नई दिल्ली: देश भर में सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज करवाने की योजना बना रहे आम नागरिकों के लिए 10 सितंबर का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर, शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल बुलाई गई है। हड़ताल के ठीक बाद दूसरा शनिवार, रविवार और कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी का अवकाश होने के कारण लगातार तीन से चार दिनों तक सामान्य बैंकिंग सेवाएं बाधित रहने की संभावना है। ऐसे में बैंक ग्राहकों को चेक क्लियरिंग, कैश निकासी, डिमांड ड्राफ्ट और पासबुक अपडेट जैसे आवश्यक कार्य समय रहते निपटाने की सलाह दी जा रही है।
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग लंबे समय से लंबित फाइव-डे वर्क वीक (सप्ताह में पांच दिन काम) को लागू करना और सेवा शर्तों में सुधार करना है। यूनियनों का कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ बनी सहमति के बावजूद इस व्यवस्था को अधिसूचित करने में लगातार देरी हो रही है। इसके विरोध में शुक्रवार 11 सितंबर को कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केनरा बैंक जैसे तमाम सार्वजनिक बैंकों में काउंटर कार्य, मैनुअल ट्रांजैक्शन और लोन प्रोसेसिंग पर सीधा असर पड़ेगा।
छुट्टियों और हड़ताल के इस लंबे सिलसिले की शुरुआत 11 सितंबर से होगी, जिस दिन देशव्यापी हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों का संचालन ठप या बहुत धीमा रहेगा। इसके बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण सभी बैंक नियमानुसार बंद रहेंगे, जबकि 13 सितंबर को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। वहीं 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में क्षेत्रीय अवकाश घोषित है।
लगातार चार दिनों तक शाखाएं बंद रहने से शहरों और कस्बों में एटीएम मशीनों में नकदी का संकट खड़ा हो सकता है, क्योंकि लंबी छुट्टियों के दौरान कैश लोड करने की व्यवस्था प्रभावित होती है। हालांकि, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी बैंक शुक्रवार की इस हड़ताल में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, लेकिन शनिवार और रविवार को वे भी बंद रहेंगे और अंतर-बैंक चेक क्लियरिंग प्रभावित रहने से निजी बैंकों के ग्राहकों को भी देरी का सामना करना पड़ सकता है। डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी, लेकिन कागजी और शाखा-आधारित कार्यों के लिए बैंक शाखा में जाकर काम निपटाना ही सुरक्षित विकल्प होगा।























