बिलासपुर: अविवाहित बड़े भाई के निधन के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाते में जमा लाखों रुपये की राशि प्राप्त करने के लिए छोटे भाई को उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र (Succession Certificate) हासिल करने का रास्ता साफ हो गया है। बिलासपुर के प्रथम व्यवहार न्यायाधीश एवं वरिष्ठ श्रेणी के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश संजू लता देवांगन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आवेदक के पक्ष में आदेश पारित किया है। अदालत ने आवेदक मिलिंद डी. भिड़े को उनके दिवंगत बड़े भाई के बैंक खाते में जमा राशि के लिए वैध उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्देश दिया है।
प्रकरण के अनुसार, दुर्ग जिले के बोरसी (वार्ड नंबर 52, महाराणा प्रताप नगर) निवासी 64 वर्षीय मिलिंद डी. भिड़े ने अपने दिवंगत बड़े भाई विलास दिगंबर भिड़े के बैंक खाते में जमा रकम का वारिस तय करने के लिए अदालत में उत्तराधिकार याचिका प्रस्तुत की थी। मृतक विलास दिगंबर भिड़े अविवाहित थे और उनका निधन हो चुका था, जिसके बाद खाते में जमा पूंजी के कानूनी हस्तांतरण को लेकर यह कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी।
सुनवाई के दौरान भारतीय स्टेट बैंक की ओर से अदालत में आधिकारिक विवरण पेश किया गया। बैंक ने कोर्ट को अवगत कराया कि दिवंगत खाताधारक के बैंक खाते में वर्तमान में कुल 47,83,908.62 रुपये की राशि जमा है। अदालत ने सभी कानूनी पहलुओं, गवाहों और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पाया कि आवेदक ही उक्त खाते की जमा पूंजी का वैधानिक उत्तराधिकारी है, जिसके आधार पर प्रमाण-पत्र जारी करने का फैसला सुनाया गया।























