व्हाट्सएप पर आ रहे फर्जी बैंकिंग अलर्ट ‘Reply NO to cancel’ से सावधान रहें क्योंकि एक छोटा सा जवाब आपका बैंक खाता खाली कर सकता है। वर्तमान में साइबर ठगों द्वारा अंग्रेजी और हिंदी में फेक बैंक स्टेटमेंट और पेंडिंग डेबिट के मैसेज भेजे जा रहे हैं, जबकि बैंक कभी भी व्हाट्सएप पर ट्रांजैक्शन वेरीफाई नहीं करते हैं। इस साइबर फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत ‘0-30-60 मिनट’ का गोल्डन आवर नियम अपनाएं और किसी भी संदिग्ध लिंक या रिमोट एक्सेस ऐप से दूर रहें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करें एवं हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
वर्तमान में व्हाट्सएप के माध्यम से एक खतरनाक साइबर स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें नागरिकों को बैंक खाते से गलत डेबिट होने का झांसा दिया जाता है। साइबर ठग व्हाट्सएप पर बैंक स्टेटमेंट की नकल करते हुए फर्जी संदेश भेजते हैं, जिसमें पेंडिंग डेबिट का दावा किया जाता है। ये संदेश अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में होते हैं और इनमें घबराहट पैदा करने के लिए “10 मिनट में वेरीफाई करें” जैसी तत्काल कार्रवाई वाली लाइनें लिखी होती हैं। संदेश भेजने वाले नंबर पर बैंक का नाम या आधिकारिक लोगो भी प्रदर्शित हो सकता है, जिसे ठगों द्वारा स्पूफ किया जाता है। इस प्रकार के संदेशों में उपयोगकर्ताओं को लुभाने के लिए लिखा होता है कि गलत डेबिट को रोकने के लिए “Reply NO to cancel” यानी रद्द करने के लिए ‘ना’ रिप्लाई करें।
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई बैंकिंग प्रक्रिया नहीं बल्कि एक बड़ा जाल है, और ऐसे संदेशों पर ‘No’ रिप्लाई करने से फ्रॉड का शिकार होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। जैसे ही आप संदेश के जवाब में “NO” रिप्लाई करते हैं, ठगों को यह संकेत मिल जाता है कि यह फोन नंबर एक्टिव है और यूजर उनकी पहुंच में है। इसके बाद ठग कॉल या कैंसिलेशन फॉर्म के जरिए संपर्क करते हैं, और भेजे गए लिंक या फाइल के माध्यम से फोन में स्क्रीन-शेयरिंग या रिमोट एक्सेस टूल्स इंस्टॉल करा लेते हैं। एक बार रिमोट एक्सेस मिलने पर वे मिनटों में बैंक खाते से पूरी रकम साफ कर सकते हैं और ओटीपी या यूपीआई पिन की मांग करते हैं। विशेष रूप से छात्र और पहली नौकरी पाने वाले युवा ऐसे प्रलोभनों का शिकार जल्दी होते हैं।
साइबर ठगी से बचाव के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि बैंक कभी भी व्हाट्सएप रिप्लाई के माध्यम से लेनदेन की पुष्टि नहीं करते हैं और न ही भुगतान रद्द करने के लिए चैट में कीवर्ड टाइप करने को कहते हैं। किसी भी संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय सीधे अपनी आधिकारिक बैंकिंग ऐप या बैंक शाखा में जाकर लेन-देन की जांच करें। व्हाट्सएप पर आने वाले फेस्टिव-सेल रिफंड या साइड-गिग के प्रलोभन वाले संदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज करें और कभी भी अजनबी व्यक्तियों के साथ ओटीपी, डिवाइस कोड या स्क्रीनशॉट साझा न करें।
यदि आप या आपका कोई परिचित इस प्रकार के किसी साइबर जाल में फंस जाता है, तो बिना समय गंवाए 0 से 15 मिनट के भीतर तुरंत रिप्लाई करना बंद करें, फोन को एयरप्लेन मोड पर डालें, किसी भी अज्ञात ऐप को तुरंत हटाएं, तुरंत 1930 पर कॉल करें और केवल आधिकारिक ऐप्स के भीतर अपने यूपीआई व कार्ड एंट्री की समीक्षा करें। इसके बाद 15 से 30 मिनट के भीतर राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें, शिकायत आईडी सुरक्षित रखें तथा सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट, नंबर और चैट का निर्यात सुरक्षित रखें। फिर 30 से 60 मिनट के भीतर अपने बैंक से संपर्क कर चैनल्स को सुरक्षित करने का आग्रह करें, खातों की मॉनिटरिंग करें तथा यदि कॉलेज या ऑफिस का डेटा प्रभावित हुआ हो तो संबंधित आईटी विभाग को तुरंत सूचित करें।
पुलिस जिले के सभी नागरिकों और विशेषकर विद्यार्थियों से अपील करती है कि इस प्रकार के फर्जी संदेशों से अत्यधिक सतर्क रहें। अपने महत्वपूर्ण विवरण जैसे राशि, टाइमस्टैंप, संदर्भ आईडी, फोन नंबर और स्क्रीनशॉट हमेशा तैयार रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करें।


