मुंबई। महाराष्ट्र के स्कूलों में नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक दाखिले को लेकर चल रहे असमंजस पर राज्य सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए सरकारी आदेश (GR) के अनुसार, प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा के नए मानदंड तय कर दिए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक, नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की न्यूनतम उम्र कम से कम 3 साल होनी चाहिए, वहीं पहली कक्षा (कक्षा 1) में प्रवेश के लिए 6 साल की न्यूनतम उम्र का नियम शैक्षणिक सत्र 2030-31 से पूरी तरह अनिवार्य होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य सभी शिक्षा बोर्डों में प्रवेश नियमों में एकरूपता लाना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत चरणबद्ध लागू होंगे नियम
महाराष्ट्र सरकार ने इन नियमों को अभिभावकों और बच्चों पर अचानक थोपने के बजाय चरणबद्ध (Phased Manner) तरीके से लागू करने का फैसला किया है:
अलग-अलग शैक्षणिक सत्रों में नर्सरी, जूनियर केजी (LKG), सीनियर केजी (UKG) और पहली कक्षा में न्यूनतम उम्र की शर्तें क्रमवार लागू की जाएंगी। NEP 2020 की सिफारिशों के अनुरूप कक्षा 1 में 6 वर्ष की अनिवार्य आयु सीमा शैक्षणिक सत्र 2030-31 से प्रभावी होगी।
30 जून तय की गई कट-ऑफ तारीख
नए नियमों के अनुसार, प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र की गणना संबंधित शैक्षणिक वर्ष के 30 जून को आधार मानकर की जाएगी।यानी बच्चे को उस शैक्षणिक सत्र के 30 जून तक निर्धारित कक्षा के अनुसार न्यूनतम आयु पूरी करनी होगी।अब तक स्टेट बोर्ड, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और आईबी (IB) बोर्ड के स्कूलों में कट-ऑफ तारीखें और नियम अलग-अलग थे, जिससे अभिभावक भारी भ्रम में रहते थे। अब सभी बोर्डों के लिए एक समान व्यवस्था लागू होगी।
पहले से पढ़ रहे बच्चों को राहत, स्कूल प्रमुखों को 15 दिन की छूट का अधिकार
नए नियमों के लागू होने से वर्तमान में पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा:
सत्र 2026-27 के छात्रों को छूट: वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नर्सरी से पहली कक्षा तक पढ़ रहे विद्यार्थियों को इन नए नियमों से छूट दी गई है।
पास होकर आगे जाने वालों पर रोक नहीं: किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल में पिछली कक्षा पास कर अगली कक्षा में जाने वाले नियमित विद्यार्थियों पर यह नई आयु सीमा आड़े नहीं आएगी।
15 दिनों का ग्रेस पीरियड: विशेष परिस्थितियों में राहत देने के लिए स्कूल प्रमुखों (प्रिंसिपल/हेडमास्टर) को न्यूनतम या अधिकतम उम्र सीमा में 15 दिन तक की छूट देने का विवेकाधीन अधिकार दिया गया है।


