छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशनकार्डों में दर्ज सदस्यों के शत-प्रतिशत ई-केवायसी सत्यापन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर के निर्देशों के तहत बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले के सभी शेष सदस्यों का सत्यापन 30 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने का सख्त आदेश जारी किया है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ‘छत्तीसगढ़ राशनकार्ड नियम 2016’ के तहत तय समयसीमा में सत्यापन न कराने वाले सदस्यों के नाम सीधे राशनकार्ड के डेटाबेस से निरस्त (काट) कर दिए जाएंगे।
नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की तैनाती
अभियान को 30 अक्टूबर की समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित पूरा करने के लिए विकासखंड और नगरीय निकाय स्तर पर नोडल व सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इन सभी अधिकारियों को अपने प्रभार वाले क्षेत्र के मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारी सीधे अपनी निगरानी में शिविरों और दुकानों पर सत्यापन कार्य पूरा कराएंगे तथा अभियान समाप्त होने पर विस्तृत पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
नाम कटने से बचने के लिए तुरंत पहुंचे उचित मूल्य दुकान
जिला प्रशासन ने आम हितग्राहियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा और राशन बंद होने की स्थिति से बचने के लिए अंतिम तारीख का इंतजार न करें। सभी कार्डधारी 30 अक्टूबर 2026 से पहले अपनी निकटतम उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) या निर्धारित सत्यापन केंद्र में उपस्थित होकर अनिवार्य रूप से ई-केवायसी करा लें।


