यूट्यूब ने मोबाइल और डेस्कटॉप पर वीडियो स्ट्रीमिंग अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। प्लेटफॉर्म पर अब यूजर्स शब्दों में प्रॉम्प्ट लिखकर अपनी जरूरत और पसंद के मुताबिक अलग से कस्टम वीडियो फीड तैयार कर सकेंगे। इसके साथ ही मोबाइल ऐप के होम टैब के इंटरफेस में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
क्या है कस्टम फीड फीचर और यह कैसे काम करेगा?
इस फीचर का उद्देश्य वीडियो सर्च करने के समय को बचाना और रिकमेंडेशन को ज्यादा सटीक बनाना है।
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प्रॉम्प्ट आधारित फीड: यूजर्स को केवल यह लिखना होगा कि वे किस प्रकार का कंटेंट देखना चाहते हैं (जैसे—’10 मिनट से कम के मेडिटेशन वीडियो’ या ‘योगा क्लासेस’)। यूट्यूब उस प्रॉम्प्ट के आधार पर एक अलग वीडियो फीड बना देगा।
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बनाने का तरीका: होम फीड के टॉप पर दिए गए ‘+’ (प्लस) बटन पर टैप कर अपनी पसंद लिखनी होगी।
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स्विच और एडिट की सुविधा: बनाई गई फीड स्क्रीन के टॉप पर सेव रहेगी। यूजर्स अलग-अलग फीड्स के बीच आसानी से स्विच कर सकते हैं और प्रॉम्प्ट बॉक्स पर जाकर टेक्स्ट एडिट भी कर सकते हैं।
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एक्सपायरी नियम: यदि किसी कस्टम फीड का उपयोग 30 दिनों तक नहीं किया जाता है, तो उससे जुड़ा प्रॉम्प्ट अपने आप एक्सपायर हो सकता है।
फ्री बनाम प्रीमियम यूजर्स की सीमा
यूट्यूब ने फीड सेव करने की संख्या सब्सक्रिप्शन प्लान के आधार पर तय की है:
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फ्री यूजर्स: अधिकतम 3 एक्टिव कस्टम फीड सेव कर सकते हैं।
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प्रीमियम यूजर्स: अधिकतम 8 कस्टम फीड सेव करने की सुविधा मिलेगी।
मोबाइल और डेस्कटॉप पर सिंक
यह सुविधा दोनों प्लेटफॉर्म पर काम करेगी। यदि कोई यूजर अपने मोबाइल पर कस्टम फीड तैयार करता है, तो वही फीड उसके डेस्कटॉप पर भी दिखाई देगी, बशर्ते दोनों जगह एक ही गूगल अकाउंट से लॉगिन किया गया हो।
होम टैब के डिजाइन में बदलाव
यूट्यूब ने अपने होम पेज के टॉप बार को भी नया लुक दिया है:
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नई श्रेणियां: होम टैब के टॉप पर अब ‘लाइव’, ‘म्यूजिक’, और ‘मूवीज व टीवी’ जैसी फीड्स दिखाई देंगी।
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सब्सक्रिप्शन फीड की नई जगह: पहले नीचे दिखने वाली सब्सक्रिप्शन फीड को अब सीधे होम टैब के टॉप बार में शामिल कर दिया गया है, जिससे सब्सक्राइब किए गए चैनल्स का कंटेंट खोजना और आसान हो गया है।
उपलब्धता
फिलहाल यह फीचर केवल अमेरिका में अंग्रेजी भाषा में रोलआउट किया गया है। इसका लाभ उठाने के लिए यूजर की उम्र कम से कम 13 वर्ष होनी चाहिए, अकाउंट में साइन-इन होना जरूरी है और सर्च हिस्ट्री ऑन होनी चाहिए। कंपनी के अनुसार, आने वाले समय में इसे भारत सहित अन्य देशों में भी पेश किया जा सकता है।


