बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की पत्थलगांव विधानसभा सीट पर हुए कड़े मुकाबले में 255 वोटों से हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी रामपुकार सिंह ठाकुर द्वारा भाजपा प्रत्याशी गोमती साय की जीत को दी गई चुनौती का मामला अब तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की बेंच इस चुनावी याचिका की सुनवाई कर रही है। अदालत ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिया है कि वह आगामी 4 दिसंबर 2026 को चुनाव से जुड़े सभी मूल दस्तावेज (Original Documents) कोर्ट में पेश करे।
विवाद का मुख्य आधार
चुनाव परिणामों में भाजपा की गोमती साय ने कांग्रेस के रामपुकार सिंह ठाकुर को महज 255 वोटों के अंतर से हराया था। हार के बाद रामपुकार सिंह ने चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं:
- पोस्टल बैलेट की गिनती में अनियमितताएं।
- वीवीपैट (VVPAT) पर्चियों का मिलान न होना।
- हार-जीत का अंतर बेहद कम होने के बावजूद दोबारा मतगणना (Recounting) की अर्जी को खारिज किया जाना।
हाईकोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ?
इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में अब तक कई महत्वपूर्ण निर्देश सामने आए हैं:
- 15 सितंबर 2025: ईवीएम को स्कूल परिसर में सुरक्षित रखने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा उठा। इस पर आयोग ने स्ट्रांग रूम की दीवार को अलग करने का प्रस्ताव दिया, जिसे कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराने की अनुमति दी थी।
- 26 फरवरी 2026: याचिकाकर्ता रामपुकार सिंह की ओर से शिकायत की गई कि उन्हें दोबारा मतगणना की अर्जी और रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश की प्रमाणित कॉपी नहीं मिली है। इस पर निर्वाचन आयोग ने दलील दी कि तय फीस जमा नहीं की गई है, हालांकि फोटोकॉपी अदालत में मौजूद है। तब कोर्ट ने निर्देश दिया था कि साक्ष्य प्रस्तुत करते समय मूल दस्तावेज पेश किए जाएं।
- 15 अक्टूबर 2026: निर्धारित सुनवाई के दौरान समय के अभाव के कारण याचिकाकर्ता रामपुकार सिंह ठाकुर की गवाही पूरी नहीं हो सकी थी।
अब आगे क्या?
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर 2026 को तय की है। तय तारीख पर निर्वाचन आयोग को चुनाव से जुड़े तमाम मूल दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत करने होंगे, और साथ ही याचिकाकर्ता की गवाही भी आगे जारी रखी जाएगी।


