Supreme Court:क्या मकान मालिक बैंक से भी खाली करा सकता है अपनी प्रॉपर्टी? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए नया नियम
रायपुर:
छत्तीसगढ़ में साय सरकार के गठन के बाद से ही विकास कार्यों की रफ्तार सातवें आसमान पर है, जिसकी एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक झलक आज राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत करते हुए प्रदेश में रिकॉर्ड 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास (Pradhan Mantri Awas) पूर्ण होने और ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की अभूतपूर्व उपलब्धियों का जश्न मनाया। इस ऐतिहासिक माइलस्टोन के पूरे होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने खुद 11 भाग्यशाली हितग्राहियों (Beneficiaries) को मंच पर बुलाकर उनके नए पक्के मकान की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी और उनका सम्मान किया। इसके साथ ही, ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण की दिशा में क्रांति लाने वाले “मोर गांव मोर पानी“ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित एक विशेष कॉम्पेंडियम (पुस्तिका) का भी विमोचन किया।
इस पूरी आवास योजना की सफलता का सबसे बड़ा और नया एंगल यह है कि छत्तीसगढ़ ने घर बनाने के मामले में पूरे देश को पीछे छोड़ दिया है। राज्य सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था, और उसी का परिणाम है कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से ज्यादा गरीबों के पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से विगत वित्तीय वर्ष में ही लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो पूरे देश में किसी भी राज्य द्वारा एक साल में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने का नेशनल रिकॉर्ड है। इतना ही नहीं, वर्तमान फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) के भीतर ही 1 लाख 51 हजार नए मकान कम्प्लीट कर लिए गए हैं, जिसका सीधा मतलब है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन औसतन 1,500 से भी अधिक पक्के घर तैयार हो रहे हैं, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि है।
आवास क्रांति के साथ-साथ गांवों में पानी की किल्लत दूर करने के लिए शुरू किया गया ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान भी जमीन पर बड़ी तब्दीली ला रहा है, जिसे 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के मौके पर लॉन्च किया गया था। पूरी तरह जनभागीदारी (People’s Participation) पर आधारित इस मेगा अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती मनरेगा एवं वर्तमान वीबी-जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से 1 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत कर उन पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस अभियान के तहत गांवों में आजीविका डबरी, नवा तरिया (नया तालाब) और कंटूर ट्रेंच जैसी विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे न केवल भूजल स्तर (Groundwater Level) सुधर रहा है बल्कि ग्रामीणों की आजीविका को भी एक नई और मजबूत दिशा मिल रही है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, पंचायत विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और पीएम आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रदेशभर से आए हितग्राही मौजूद रहे।

