आदिवासी अंचलों में कुछ इस तरह मनता है फगुआ” ……………..
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के फरवरी-मार्च 2026 सत्र के दौरान शुक्रवार, 27 फरवरी को सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण होने वाली है। इस दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक (बजट) पर सामान्य चर्चा जारी रहेगी। साथ ही, सदन में कई महत्वपूर्ण वार्षिक प्रतिवेदन रखे जाएंगे और जनहित से जुड़े अशासकीय संकल्पों पर बहस होगी।
प्रमुख विधायी कार्य और प्रतिवेदन
सदन की शुरुआत सुबह 11:00 बजे प्रश्नोत्तर काल के साथ होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन (2025) पटल पर रखेंगे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मनरेगा (MGNREGA) का वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन (2025-26) पेश करेंगे।
अब ग्रामीण खुद संभालेंगे अपनी जल व्यवस्था:मार्च में मनेगा ‘जल महोत्सव’
ध्यानाकर्षण: मुआवजा और परीक्षा केंद्रों पर चर्चा
नियम 138 (1) के तहत विपक्षी और सत्ता पक्ष के सदस्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंत्रियों का ध्यान आकर्षित करेंगे:
डॉ. चरणदास महंत और श्रीमती शेषराज हरवंश राष्ट्रीय राजमार्ग 149 ‘ब’ बाईपास रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाएंगे।
श्री प्रबोध मिंज, अजय चंद्राकर और रिकेश सेन रामचंद्रपुर स्थित आत्मानंद स्कूल को परीक्षा केंद्र से वंचित किए जाने पर स्कूल शिक्षा मंत्री से जवाब मांगेंगे।
अशासकीय संकल्प: भिलाई सेक्टर-09 अस्पताल और आदिवासी विकाससदन में दो प्रमुख अशासकीय संकल्पों पर चर्चा के लिए 30-30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है:
विधायक रिकेश सेन मांग करेंगे कि भिलाई नगर स्थित सेक्टर-09 अस्पताल को सर्वसुविधायुक्त ‘मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ के रूप में पुन:स्थापित करने हेतु केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाए।
विधायक लखेश्वर बघेल आदिवासी क्षेत्रों की बालिकाओं के शैक्षणिक विकास हेतु संचालित आश्रम-छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र से विशेष सहायता राशि मांगने का प्रस्ताव रखेंगे।
सभापति धर्मजीत सिंह याचिका समिति का चतुर्थ एवं पंचम प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
विधायक ललित चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, दलेश्वर साहू और राघवेंद्र कुमार सिंह अपने-अपने क्षेत्रों में पुल-पुलिया निर्माण, अस्पताल भवन और बैंक शाखाएं खोलने संबंधी याचिकाएं प्रस्तुत करेंगे।
बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े की सदन से अनुपस्थिति की अनुमति पर भी विचार होगा।

