छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार रात उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी मंत्रियों को अचानक अपने सरकारी आवास पर तलब कर लिया। अचानक बुलाए गए इस संदेश के बाद कई मंत्रियों को अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर रायपुर लौटना पड़ा, जिससे राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट फेरबदल और विभागों में बदलाव की अटकलें तेज हो गईं।
रात करीब 10 बजे शुरू हुई बैठक तड़के 1:40 बजे तक चली। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत कई वरिष्ठ मंत्री और भाजपा संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। लंबे समय तक चली इस बैठक ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।

हालांकि सूत्रों के मुताबिक बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा करना था। मंत्रियों से उनके विभागों की प्रगति रिपोर्ट ली गई और आगामी वर्षों के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। साथ ही सरकार और भाजपा संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी मंथन हुआ।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की भी समीक्षा की गई। मंत्रियों को जिला स्तर पर होने वाली गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी गई।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, “मीडिया में यह खबर कैसे आई, मुझे नहीं पता। सब कुछ ठीक है।”

