रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव 2028 और संगठन को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत करने के इरादे से कांग्रेस एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा देने और जिला स्तर पर मजबूत नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आगामी 20 जून से जिला अध्यक्षों के लिए एक विशेष और कड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाला यह महत्वपूर्ण राजनीतिक शिविर 20 जून से शुरू होकर 29 जून तक अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिविर के दौरान सांगठनिक बारीकियों को सिखाने और नेताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद 21 जून को रायपुर पहुंच रहे हैं। राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
अभनपुर का अग्रवाल भवन बनेगा रणनीति का केंद्र, व्यवस्थाओं के लिए बनीं समितियां
इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के सफल और सुचारू संचालन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शिविर के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा, प्रोटोकॉल, समन्वय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पार्टी की ओर से अलग-अलग विशेष समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ और अनुभवी कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि बाहर से आने वाले जिला अध्यक्षों और दिग्गज नेताओं को किसी भी प्रकार की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
जमीनी स्तर पर बीजेपी को घेरने का बनेगा फुलप्रूफ प्लान
राजनीतिक गलियारों में इस प्रशिक्षण शिविर को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस कैंप में जिला अध्यक्षों को न केवल संगठन विस्तार के गुर सिखाए जाएंगे, बल्कि सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच उठाने और केंद्र व राज्य की मौजूदा बीजेपी सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रामक ढंग से मोर्चा खोलने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। राहुल गांधी खुद नेताओं के साथ सीधा संवाद करेंगे और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी का रोडमैप तैयार करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। माना जा रहा है कि इस शिविर के खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस एक नए और आक्रामक तेवर के साथ सड़कों पर नजर आएगी।

