**रायपुर, 22 जून 2026**
छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारी क्षेत्र में हुई वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के अंतर्गत आने वाली शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर की समितियों में हुए करोड़ों के घोटाले पर सरकार ने कड़ा प्रहार करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के साथ ही प्रभावित किसानों के लिए खाद-बीज वितरण की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी गई है।
वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच इन समितियों में वित्तीय अनियमितता और गबन के मामले सामने आए थे। इसमें लगभग 497 किसानों के साथ 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी का खुलासा हुआ है। इस घोटाले के कारण किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज नहीं मिल पा रहे थे, जिससे उनके कृषि कार्य प्रभावित हो रहे थे और क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त था।
किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने त्वरित कार्ययोजना तैयार की। इसके तहत दोषी पाए गए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है, कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और विभागीय जांच को तेज कर दिया गया है। सरकार ने संबंधित समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे पात्र किसानों की सूची तैयार कर तत्काल मुख्यालय भेजें, ताकि ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया को गति मिल सके। अब इन किसानों को तत्काल प्रभाव से खाद, बीज और अन्य सुविधाएं मिलना शुरू हो गई हैं।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता किसान और उनका हित है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा किए जाने का स्वागत किया है। मंत्री नेताम ने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच से मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सरकार द्वारा खाद-बीज वितरण सुचारू किए जाने से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने राहत की सांस ली है। इस कदम से आगामी कृषि सीजन की तैयारियों को नई गति मिली है और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के प्रति किसानों का भरोसा फिर से बहाल हुआ है।
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