मेरठ:
मेरठ के रूह कंपा देने वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कातिल पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस वारदात को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) मानते हुए दोनों दोषियों को मौत की सजा से दंडित किया।
वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अवैध संबंधों में बाधा बन रहे पति सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उसके शव के पांच टुकड़े किए गए थे और साक्ष्य मिटाने के लिए उसे एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में ठूंसकर सील कर दिया गया था।
अदालत में भीख मांगते रहे कातिल: ‘साहब, छोटी बच्चियों का ख्याल रखें…’
सजा के ऐलान से पहले अदालत में जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए दोनों मुजरिमों की पेशी कराई गई। जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जब मुस्कान से सीधा सवाल किया कि— “तुम अपने पति की नृशंस हत्या की दोषी सिद्ध हो चुकी हो, अपने लिए क्या सजा चाहती हो?”
अदालत के इस सवाल पर जिस महिला के हाथ अपने पति का गला रेतते और शव के टुकड़े करते वक्त नहीं कांपे थे, वह सलाखों के पीछे गिड़गिड़ाने लगी। उसने रहम की भीख मांगते हुए कहा— “मेरी दोनों बेटियां बहुत छोटी हैं, उनका ख्याल रखा जाए… मुझे कम से कम सजा दी जाए।”
इसके बाद जब अदालत ने उसके प्रेमी और जुर्म के साझीदार साहिल से सजा पर अपना पक्ष रखने को कहा, तो उसने भी कांपती आवाज में अदालत से नरमी बरतने और कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। हालांकि, अदालत ने अपराध की वीभत्सता और क्रूरता को देखते हुए किसी भी तरह की रियायत देने से साफ इनकार कर दिया।
क्या था 3 मार्च 2025 का पूरा मामला?
यह खौफनाक वारदात मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र अंतर्गत इंदिरा नगर की है:
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अवैध संबंधों में रची खूनी साजिश: सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान का अपने प्रेमी साहिल के साथ अवैध संबंध चल रहा था। सौरभ को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर इस वीभत्स हत्याकांड की साजिश रची।
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शव के किए 5 टुकड़े: 3 मार्च 2025 को दोनों ने सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छुपाने और ठिकाने लगाने की नीयत से शव को धारदार हथियार से पांच टुकड़ों में काटा गया।
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नीले ड्रम में किया बंद: शव के टुकड़ों को घर के भीतर ही एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम में ठूंस दिया गया और बदबू व सुराग छुपाने के लिए उसे सील कर दिया गया।
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खुलासे से दहल उठा था शहर: पुलिस द्वारा मामले का पर्दाफाश किए जाने के बाद जब ड्रम से सौरभ के क्षत-विक्षत अवशेष बरामद हुए, तो पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में पुख्ता गवाह, फोरेंसिक साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट पेश कर जुर्म को साबित किया। अदालत ने दोनों मुजरिमों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का फैसला सुनाकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिया।


