गाजियाबाद: यदि आपके पास दोपहिया, चारपहिया या कोई अन्य कमर्शियल वाहन है और उसका प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) एक्सपायर हो चुका है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। आगामी 1 अक्टूबर से गाजियाबाद जिले में बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के कड़े निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।
सड़कों पर अनियंत्रित रूप से धुआं उगल रहे वाहनों पर लगाम कसने और जिले के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार लाने के मकसद से यह पूरी व्यवस्था लागू की जा रही है।
पंप कर्मचारियों के फोन में होगा स्पेशल ऐप, नंबर प्लेट से खुलेगी हिस्ट्री
जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर नई तकनीकी व्यवस्था तैयार की गई है:
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नंबर प्लेट का फोटो लेते ही जांच: ईंधन भरवाने पहुंचे हर वाहन की नंबर प्लेट का फोटो पंप कर्मचारी अपने मोबाइल में इंस्टॉल विशेष ऐप के जरिए लेंगे।
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रियल-टाइम डेटा वेरिफिकेशन: यह आधुनिक ऐप सीधे केंद्रीय वाहन डेटाबेस से कनेक्ट होकर सेकंडों में बता देगा कि संबंधित गाड़ी का PUCC वैध है या उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है।
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अमान्य पाए जाने पर ‘नो फ्यूल’: यदि वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र एक्सपायर पाया गया, तो सॉफ्टवेयर तुरंत अलर्ट जारी करेगा और कर्मचारी किसी भी सूरत में वाहन में ईंधन नहीं भरेंगे।
सड़कों पर दौड़ रहे 25 हजार से अधिक ‘अनफिट’ वाहन
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले गाजियाबाद जिले में ही इस समय 25,000 से अधिक ऐसे वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनके पास वैध PUCC नहीं है। ये वाहन निरंतर जहरीला धुआं उगलकर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। एनजीटी ने ऐसे लापरवाह वाहन स्वामियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
धरातल पर उतरे जिला पूर्ति अधिकारी, कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण
व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) अमित तिवारी ने खुद विभिन्न फ्यूल स्टेशनों का दौरा किया और कर्मचारियों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करवाकर उसके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 1 अक्टूबर से नियम का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने वाहनों की प्रदूषण जांच कराकर वैध PUCC प्राप्त कर लें, ताकि ईंधन केंद्रों पर उन्हें खाली हाथ न लौटना पड़े।























