पूर्व और उत्तर-पूर्वी भारत की बात करें तो झारखंड में 13 से 18 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 14 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में 14 से 17 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी।
वहीं, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जहाँ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड सहित सभी सातों राज्यों में पूरे हफ्ते बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी एवं पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 14 से 18 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 14, 16 और 17 अगस्त को तथा हिमाचल प्रदेश में 14 अगस्त को अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बारिश का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसूनी तंत्र पूरी तरह सक्रिय है; छत्तीसगढ़ में 13 और 14 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 और 16 अगस्त को तेज वर्षा हो सकती है।
पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में 13 और 14 अगस्त को मूसलाधार बारिश की संभावना है। इसके अतिरिक्त दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में 18 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं।

