रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों पर सदन की कार्यवाही काफी गर्म रहने वाली है। कार्यसूची के अनुसार, आज न केवल करोड़ों रुपये की शिक्षा संबंधी अनुदान मांगों पर चर्चा होगी, बल्कि स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों के भविष्य से जुड़े कई तीखे सवाल भी मंत्रियों के सामने रखे जाएंगे।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों और शिक्षकों का मुद्दा
सदन में आज सबसे प्रमुख मुद्दा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का होगा। विधायक डॉ. चरणदास महंत नर्सरी शिक्षकों और ‘आया’ को सेवा से पदमुक्त किए जाने की कार्रवाई की ओर स्कूल शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में विभाग द्वारा निर्देशों की कथित अवहेलना और स्कूलों में जर्जर भवनों की स्थिति पर भी मंत्रियों को जवाब देना होगा। छात्रावासों में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा और वहां की सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र से विशेष सहायता की मांग का प्रस्ताव भी आज चर्चा का केंद्र रहेगा।
रिक्त पदों पर भर्ती और छात्रवृत्ति का मामला
बेरोजगार युवाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक हो सकता है। सदन में विभिन्न विभागों, विशेषकर शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए ‘विशेष भर्ती अभियान’ चलाने का संकल्प प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन संचालित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने का मामला भी सदन में गूँजेगा। विपक्ष का आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र छात्र-छात्राएं अपनी राशि के लिए भटक रहे हैं, जिस पर मंत्री गजेंद्र यादव को स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
बजट और नई योजनाओं पर चर्चा
वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर आज विस्तृत चर्चा और वोटिंग होनी है। सरकार की कोशिश होगी कि वह अपनी उपलब्धियों को गिनाकर बजट पारित कराए, जबकि विपक्ष बुनियादी ढांचे में कमी और शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर सरकार को घेरेगा। उच्च शिक्षा विभाग में नवाचारों और कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए आवंटित बजट पर भी आज मुहर लग सकती है।

