रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की महत्वपूर्ण अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। मंत्री टंकराम वर्मा आज अपने विभागों से संबंधित बजट प्रस्ताव सदन में रखेंगे, जहाँ विपक्ष जमीन के रिकॉर्ड में सुधार, मुआवजा वितरण में देरी और राजस्व प्रशासन में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
राजस्व रिकॉर्ड और मुआवजे का मुद्दा
सदन में आज राजस्व विभाग से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दे गूँजेंगे। विधायक राजेश मूणत शासन द्वारा गृह निर्माण मंडल को आवंटित भूमि का राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त न किए जाने का मामला उठाएंगे। इसके साथ ही, डॉ. चरणदास महंत और श्रीमती शेषराज हरवंश पेंड्रा बायपास मार्ग निर्माण से प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा न मिलने की ओर मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। रतनपुर-केंदा-केवची राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे का मामला भी आज सदन की गर्मी बढ़ा सकता है।
अवैध कब्जा और सीमांकन की चुनौतियां
राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता की कमी और बढ़ते अवैध कब्जों पर भी आज तीखी बहस होने के आसार हैं। विधायक सुशांत शुक्ला जांजगीर-चांपा के गांवों में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा उठाएंगे। वहीं, श्रीमती कविता प्राण लहरे कोरबा जिले में भू-माफियाओं और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से गलत सीमांकन किए जाने और पट्टाधारियों को बेदखल करने की गंभीर शिकायत सदन में दर्ज कराएंगे।
आपदा प्रबंधन और पुनर्वास
प्राकृतिक आपदाओं और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए आवंटित बजट पर भी आज मुहर लगेगी। विपक्ष का आरोप है कि आपदा राहत की राशि वितरण में पक्षपात और देरी हो रही है, जिस पर मंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी होगी। इसके अलावा, पुनर्वास योजनाओं के क्रियान्वयन और जिला प्रशासन के कामकाज की समीक्षा भी आज की चर्चा का मुख्य हिस्सा होगी।























