रायपुर। छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में एक बड़े बदलाव की शुरुआत करते हुए राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ (Grain ATM) सेवा शुरू कर दी है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों—रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन माध्यम से देश के अत्याधुनिक ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का शुभारंभ किया। इस सुविधा के शुरू होने से अब राशनकार्ड धारकों को उचित मूल्य दुकानों (पीडिएस) के चक्कर काटने और लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी।
24×7 मिलेगा राशन, बायोमेट्रिक से होगी पहचान ग्रेन एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बैंक एटीएम की तर्ज पर 24 घंटे काम करेगा। हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार दिन या रात में किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। चावल निकालने के लिए मशीन की टच स्क्रीन पर अपना आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) प्रमाणीकरण होते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे मशीन से निकल जाएगा।
ग्रेन एटीएम की मुख्य विशेषताएं:
- 24×7 उपलब्धता: समय की कोई पाबंदी नहीं, दिन-रात कभी भी राशन लिया जा सकता है।
- भंडारण क्षमता: वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इस एटीएम की भंडारण क्षमता 2,500 किलोग्राम (2.5 टन) है।
- पूरी तरह स्वचालित: इसमें चावल की लोडिंग और तौल पूरी तरह ऑटोमैटिक है, जिससे कम राशन मिलने की शिकायत खत्म होगी।
- पारदर्शिता और सुरक्षा: बायोमेट्रिक सत्यापन के कारण फर्जीवाड़ा रुकेगा और सही हितग्राही तक खाद्यान्न पहुंचेगा।
‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ का मिलेगा फायदा यह ग्रेन एटीएम न केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय राशनकार्डधारियों के लिए बल्कि दूसरे राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों के लिए भी बेहद मददगार साबित होगा। ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ योजना के तहत अन्य राज्यों के कार्डधारी भी बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए इस एटीएम से अपना राशन ले सकेंगे।
छत्तीसगढ़ बना देश का 5वां राज्य इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन गिने-चुने राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां तकनीक के जरिए राशन का वितरण किया जा रहा है। वर्तमान में यह सुविधा उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रही है, जिसके बाद अब छत्तीसगढ़ पांचवां राज्य बन गया है।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नज़ीनो हॉसीमोनी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोती लाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

