बिलासपुर। श्री पद्माक्षी ग्लोबल स्कूल में छात्र नेतृत्व, अनुशासन एवं उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने के उद्देश्य से पद ग्रहण समारोह (इन्वेस्टिचर सेरेमनी) का भव्य आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय श्री तोखन साहू, केंद्रीय राज्य मंत्री (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार) रहे। उनके आगमन पर विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के चारों हाउस—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद—तथा नव-निर्वाचित स्टूडेंट काउंसिल के पदाधिकारियों को मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा बैज एवं सैश पहनाकर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने निष्ठा, ईमानदारी एवं सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में श्री तोखन साहू ने कहा कि “सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, समर्पण और चरित्र से पहचाना जाता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, टीम भावना एवं सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते हुए विद्यालय, समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भारत के भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं, इसलिए उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना का विकास अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर्स डॉ. विनोद तिवारी, डॉ. संजना तिवारी, डॉ. उत्कर्ष तिवारी, श्री जयेश तिवारी एवं डॉ. निलय तिवारी तथा प्राचार्या श्रीमती श्वेता सिंह ने नव-निर्वाचित छात्र पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन कर विद्यालय की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत, नृत्य एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू एवं विद्यालय के सम्मानित अतिथियों ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
गरिमामय वातावरण, अनुशासित आयोजन और विद्यार्थियों के उत्साह से परिपूर्ण यह समारोह विद्यालय में नेतृत्व, सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।

