छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त भंडार, 1 लाख से अधिक वायल उपलब्ध
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राज्य में मानसून की स्थिति को लेकर ताजा आंकड़े जारी किए गए हैं. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से लेकर 17 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में औसतन 293.6 मिलीमीटर वास्तविक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि पिछले 10 वर्षों की अपेक्षित औसत वर्षा के मुकाबले लगभग 81.3 प्रतिशत है. प्रदेश के सभी 33 जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जो खरीफ फसलों (विशेषकर धान) की बुवाई और जल-स्तर में सुधार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
24 घंटे में जांजगीर-चांपा में सबसे अधिक 80 मिमी बारिश
विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जांजगीर-चांपा जिले में सर्वाधिक 80.0 मिलीमीटर की जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिसने खेतों को सराबोर कर दिया है. इसके ठीक बाद न्यायधानी बिलासपुर में 74.7 मिलीमीटर और गरियाबंद जिले में 68.6 मिलीमीटर की झमाझम बारिश दर्ज हुई है, जिसने किसानों के उत्साह को दोगुना कर दिया है. राजधानी रायपुर में 52.0 मिलीमीटर और बलौदाबाजार में 48.0 मिलीमीटर पानी बरसा है. इसके विपरीत, बीते 24 घंटों में सुकमा में सबसे कम 1.7 मिलीमीटर और बीजापुर में 1.9 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज हुई है, जिससे राज्य का दैनिक वर्षा औसत 26.0 मिलीमीटर पर पहुंच गया है. धमतरी, मुंगेली और दुर्ग जैसे मैदानी जिलों में भी मानसून पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बलरामपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
1 जून से अब तक की कुल बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला 512.8 मिलीमीटर बारिश के साथ पूरे प्रदेश में सबसे आगे चल रहा है. इस जिले ने अपनी सामान्य औसत वर्षा के मुकाबले 177.9 प्रतिशत की शानदार बढ़त हासिल की है. इसी तरह बलरामपुर में भी सामान्य से 133.8 प्रतिशत अधिक (301.0 मि.मी.) पानी बरसने से जलाशयों का जलस्तर तेजी से सुधरा है. राजधानी रायपुर में भी औसत से 110.7 प्रतिशत अधिक यानी 354.9 मिलीमीटर बारिश के साथ चारों तरफ हरियाली छा गई है. इसके विपरीत, सरगुजा जिला 152.0 मिलीमीटर कुल बारिश के साथ फिलहाल सबसे पीछे चल रहा है, जहां अब तक औसत के मुकाबले केवल 60 प्रतिशत ही पानी गिरा है.

बस्तर संभाग में जुलाई के अंतिम सप्ताह से सुधरेगी स्थिति
बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और कांकेर जैसे कुछ दक्षिणी क्षेत्रों में अब तक बारिश की गति थोड़ी धीमी बनी हुई है. सुकमा में अब तक 225.6 मि.मी. (औसत का 39.9%) और बीजापुर में 294.7 मि.मी. (औसत का 49.3%) ही बारिश हुई है. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसून का अगला मजबूत सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा फायदा इन दक्षिणी जिलों को मिलेगा और यह बारिश इन क्षेत्रों के बचे हुए कोटे को भी आसानी से पूरा कर लेगी.
खेती-किसानी के लिए उत्साहजनक संकेत, प्रशासन अलर्ट मोड पर
छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की प्रगति किसानों और आम जनता के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत लेकर आई है. जून के शुरुआती दौर में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों की बुवाई जरूर प्रभावित हुई थी, लेकिन जुलाई में व्यापक बारिश से स्थिति में बड़ा सुधार देखा गया है. लगातार हो रही इस सुगठित बारिश के दम पर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता एक बार फिर बंपर पैदावार की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. दूसरी ओर, भारी बारिश के चलते बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जैसे क्षेत्रों में नदी-नालों के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है और जिला प्रशासन व राहत टीमें अलर्ट मोड पर हैं.

