रायपुर, 17 जुलाई। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर, प्रदेश सचिव राजू टंडन एवं प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने आज विधानसभा में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव एवं उनके ओएसडी से मुलाकात कर प्रदेश के कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए विभागीय टीईटी आयोजित किए जाने की मांग का ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश के हजारों कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर शिक्षा विभाग ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि “विभागीय टीईटी आयोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।” विभाग के इस जवाब से उन शिक्षकों में निराशा और चिंता बढ़ गई है, जो लंबे समय से विभागीय टीईटी की मांग कर रहे हैं।

संगठन से मुलाकात के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। विभाग का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) केवल व्यापम के माध्यम से नियमानुसार आयोजित की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर वर्ष में तीन बार भी परीक्षा कराई जा सकती है, लेकिन “कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय टीईटी कराने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।”
फेडरेशन ने विभाग के इस रुख पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने कहा कि “विभागीय टीईटी कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का सबसे व्यावहारिक, न्यायसंगत और मानवीय समाधान है। वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को पुनः सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए विवश करना उनके साथ अन्याय है।”
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उन्होंने कहा कि जब स्वयं शिक्षा विभाग यह स्पष्ट कर चुका है कि विभागीय टीईटी आयोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, तब कुछ संगठन क्यों और किस तरह से विभागीय टेट की परीक्षा होने का दावा करते हैं और अब यह स्पष्ट हो गया है कि यदि शिक्षक समाज अपनी मांग को लेकर संगठित और मुखर नहीं हुआ तो सेवा सुरक्षा का यह महत्वपूर्ण मुद्दा लंबे समय तक अधर में रह सकता है।अब ईमानदारी से शिक्षक संगठन और शिक्षक को सोचना पड़ेगा कि सेवा कि सुरक्षा कैसे की जाए।

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राजू टंडन ने कहा कि फेडरेशन इस विषय को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। वे लगातार शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक एवं शासन स्तर पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से मुलाकात कर अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी अथवा समकक्ष व्यवस्था लागू कराने का सतत प्रयास करेंगे।
देवेंद्र हरमुख ने प्रदेश के सभी प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल शिक्षकों से संगठनात्मक सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल किसी एक संगठन की मांग नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की सेवा सुरक्षा, सम्मान और भविष्य का प्रश्न है। यदि सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर के शिक्षकों को लोकतांत्रिक एवं व्यापक आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव राजू टंडन, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख, संगठन मंत्री हेम साहू, पीताम्बर बंजारे, मनोज साहू, दीपक साहू, रमेश कोठारी, पुष्पेंद्र बनाफर, युवराज बेलचंदन, ओमप्रकाश साहू, लोकेश धृतलहरे एवं पार्थ ध्रुव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

