बेमेतरा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बेमेतरा द्वारा सहायक शिक्षक (एल.बी.) से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के पद पर पदोन्नत कर्मचारियों से TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की उत्तीर्ण अंकसूची एवं सेवा पुस्तिका की सत्यापित प्रति 3 दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति हेतु TET की योग्यता अनिवार्य है। दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद ही काउंसलिंग एवं पदस्थापना की आगामी कार्यवाही पूरी की जाएगी।
इस आदेश के बाद पदोन्नत शिक्षकों के बीच TET पात्रता को लेकर चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को स्पष्ट एवं न्यायसंगत तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
इसी मुद्दे कों लेकर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और नौकरी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर शिक्षक संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। इसी कड़ी में 17 अगस्त 2026 को बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, न्याय और अधिकारों की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।
पोखन साहू जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन का कहना है कि “वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों की सेवा को लेकर उत्पन्न चिंताओं का विभागीय स्तर पर स्पष्ट एवं न्यायपूर्ण समाधान आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बड़ी संख्या में शिक्षक 17 अगस्त को बेमेतरा में एकत्रित होकर अपनी मांगों और समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखेंगे और मांग नहीं सुने जाने के स्थिति में DEO कार्यालय का घेराव करेंगें।
आंदोलन से जुड़े नवीन शिक्षक संघ के महिला प्रकोष्ठ के प्रांताध्यक्ष उमा जाटव के अनुसार, “सेवा सुरक्षा शिक्षकों के लिए केवल एक मांग नहीं, बल्कि उनके रोजगार और परिवार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और DEO कार्यालय के निकले आदेश पदोन्नत प्रधान पाठक के पदस्थापना रुकता है तो उसका खुलकर विरोध किया जाएगा।”
वही सर्व शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ चतवारे ने सेवा सुरक्षा मुद्दे पे कहा कि “टेट अनिवार्यता के मुद्दे के कारण हमारे शिक्षक साथी का नौकरी दांव पे लगा है।हम इसी बात से चिंतित है और हमारी मांग सरकार और विभाग से यहीं है कि NCTE से अनुमति लेके सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा आयोजित करें।”
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक ने कहा कि 17 अगस्त का बेमेतरा आंदोलन अब शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आगामी संघर्ष की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण है और सरकार अगर सेवा सुरक्षा में गंभीर नहीं होती तो हम रोड में उतरने कों मजबूत होंगे।

