नई दिल्ली:
शरीर को ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन B12 सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के निर्माण, नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) के सुचारू संचालन और डीएनए सिंथेसिस में अहम भूमिका निभाता है। शरीर में B12 का स्तर कम होने पर लगातार थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट, सिर चकराना और एकाग्रता की कमी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
प्राकृतिक रूप से यह विटामिन मुख्य रूप से पशु-आधारित आहार में पाया जाता है। यदि मेडिकल जांच में B12 का स्तर कम निकला है, तो डाइट में सही खाद्य पदार्थों को शामिल कर इसे सुधारा जा सकता है।
विटामिन B12 के 5 प्रमुख खाद्य स्रोत
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अंडा:अंडा विटामिन B12 का सुलभ और बेहतरीन स्रोत है। नाश्ते या भोजन में उबले या पकाए हुए अंडे शामिल करने से प्रोटीन के साथ B12 की दैनिक जरूरत पूरी करने में मदद मिलती है।
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दूध और डेयरी उत्पाद:जो लोग मांसाहार नहीं करते, उनके लिए दूध, दही, पनीर और छाछ सबसे कारगर विकल्प हैं। नियमित रूप से डेयरी उत्पादों का सेवन शरीर में इस विटामिन के स्तर को बनाए रखता है।
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मछली:सैल्मन, सार्डिन और टूना जैसी मछलियां विटामिन B12 के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन से भरपूर होती हैं।
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चिकन:लीन मीट के तौर पर चिकन का संतुलित सेवन भी शरीर को विटामिन B12 और आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करता है।
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फोर्टिफाइड फूड्स (शाकाहारी व वीगन के लिए):पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेने वालों के लिए फोर्टिफाइड अनाज (Cereals) और फोर्टिफाइड प्लांट-बेस्ड मिल्क (जैसे सोया या बादाम दूध) उपयोगी विकल्प हैं। इन्हें खरीदते समय पैकेट पर न्यूट्रिशन लेबल अवश्य जांचें।
जरूरी सलाह: केवल डाइट पर न रहें निर्भर
विटामिन B12 की कमी केवल कम खाने से ही नहीं, बल्कि आंतों द्वारा इसके सही अवशोषण (Absorption) न होने, कुछ स्वास्थ्य समस्याओं या नियमित दवाओं के प्रभाव से भी हो सकती है।
यदि जांच में गंभीर कमी की पुष्टि हुई है, तो केवल खान-पान बदलने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। गंभीर मामलों में डॉक्टर सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेने की सलाह देते हैं।
(अस्वीकरण: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी आहार परिवर्तन या उपचार से पहले योग्य डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लें।)























