रायपुर:
छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में अधोसंरचना को मजबूत करने और छात्रों के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों (Additional Classrooms) के निर्माण के लिए ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G और स्कूल शिक्षा विभाग की राशि का अभिसरण (कन्वर्जेंस) किया जाएगा।
इस योजना के तहत प्रत्येक अतिरिक्त कक्षा-कक्ष के निर्माण के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अपनी ओर से ₹1 लाख की अभिसरण राशि प्रदान करेगा। इस संबंध में विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ ने संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
केंद्रीय कार्य सूची के तहत निर्माण को मंजूरी
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित योजना के 375 अनुमेय कार्यों (Permissible Works) की सूची में क्रमांक 166 पर शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष निर्माण को शामिल किया गया है। किस स्कूल में कितने अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, इसकी स्कूलवार सूची लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिलों को उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूलों के स्तर पर प्राक्कलन (एस्टीमेट) और बजट
-
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाएं:
-
कुल प्राक्कलन: प्रति कक्ष ₹7.09 लाख निर्धारित।
-
शिक्षा विभाग का अंश: प्रति कक्ष ₹1 लाख की अभिसरण राशि।
-
शेष राशि: योजना मद (VB-G RAM G) से समायोजित होगी।
-
-
हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी शालाएं:
-
कुल प्राक्कलन: ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) की एसओआर दरों के आधार पर प्रति कक्ष ₹10.63 लाख तय।
-
शिक्षा विभाग का अंश: प्रति कक्ष ₹1 लाख की राशि प्रदान की जाएगी।
-
ग्रामसभा का अनुमोदन जरूरी, ‘सिक्योर’ पोर्टल से मिलेगी तकनीकी स्वीकृति
दिशा-निर्देशों के अनुसार, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं:
-
ग्रामसभा की मंजूरी: निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित ग्रामसभा का विधिवत अनुमोदन अनिवार्य होगा।
-
तकनीकी उपयुक्तता: जिला एवं विकासखंड स्तर पर निर्माण स्थल की तकनीकी उपयुक्तता और निर्धारित व्यय अनुपात का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
-
SECURE सॉफ्टवेयर से स्वीकृति: सभी निर्माण कार्यों के प्राक्कलन और तकनीकी स्वीकृति ‘सिक्योर’ (SECURE) प्रणाली के प्रावधानों के तहत ऑनलाइन जारी कर कार्य संपादित कराए जाएंगे।























