समिति की दिन-रात की मेहनत लाई रंग, पहली बार आयोजित निःशुल्क गरबा महोत्सव में उमड़ा उत्साह; डायमंड रिंग से लेकर रेंजर साइकिल तक पुरस्कारों ने जीता सबका दिल।
जशपुर, 19 अक्टूबर 2026। संगम चौक पर आयोजित प्रथम वर्ष संगम सेवा दुर्गा पूजा गरबा महोत्सव 2026 का भव्य समापन श्रद्धा, उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। प्रथम वर्ष में ही इस निःशुल्क गरबा महोत्सव ने जिस तरह महिलाओं, युवतियों, बच्चों और नगरवासियों का अपार स्नेह प्राप्त किया, वह आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। समिति के सदस्यों की अथक मेहनत, समर्पण, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक प्रयासों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
🌟 समिति की मेहनत और एकजुटता बनी सफलता की सबसे बड़ी ताकत
प्रथम वर्ष में इतने भव्य स्तर पर गरबा महोत्सव का आयोजन करना समिति के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती थी। आयोजन की तैयारियों से लेकर पंडाल की व्यवस्था, प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने, गरबा प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, अतिथियों के स्वागत, पुरस्कारों की व्यवस्था और कार्यक्रम के सफल संचालन तक समिति के सदस्यों ने पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
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समिति के सदस्यों ने दिन-रात मेहनत कर यह साबित किया कि जब उद्देश्य समाज को जोड़ना, संस्कृति को आगे बढ़ाना और लोगों को एक बेहतर मंच देना हो, तो सामूहिक प्रयास से किसी भी आयोजन को सफल बनाया जा सकता है। प्रथम वर्ष में ही निःशुल्क गरबा महोत्सव को मिली शानदार प्रतिक्रिया समिति की मेहनत, एकजुटता और नगरवासियों के विश्वास का परिणाम रही।
यह महोत्सव केवल गरबा और डांडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं, युवतियों और बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, भारतीय परंपराओं से जुड़ने और सामाजिक एकता का अनुभव करने का अवसर भी बना।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई समारोह की शोभा
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समिति के संरक्षक श्रीमंत विक्रमादित्य सिंह जूदेव जी एवं श्रीमती जया सिंह जूदेव जी शामिल हुए। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री विनय भगत जी एवं श्री शत्रुंजय पाठक जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
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🪔 दीप गरबा ने रचा अलौकिक दृश्य, रोशनी से जगमगा उठा पूरा पंडाल
समापन समारोह का सबसे खास आकर्षण ‘दीप गरबा’ रहा। जैसे ही पंडाल की सभी विद्युत लाइटें बंद की गईं और प्रतिभागियों के हाथों में जलते दीपों की रोशनी चारों ओर फैलने लगी, पूरा पंडाल दीपों से जगमगा उठा। दीपों की रोशनी के बीच गरबा करती महिलाओं और युवतियों का दृश्य अत्यंत मनमोहक और भक्तिमय रहा। इस अनूठी प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
💎 डायमंड रिंग से रेंजर साइकिल तक, प्रतिभाओं को मिला सम्मान
महोत्सव में प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था की गई।
– अलंकार ज्वेलर्स एवं समिति के अध्यक्ष राकेश सोनी की ओर से सर्वश्रेष्ठ गरबा करने वाले प्रतिभागी को डायमंड रिंग प्रदान की गई।
– सूर्या एक्सप्रेस की ओर से प्रथम पुरस्कार के रूप में रेंजर साइकिल दी गई।
– गणपति बैग की ओर से फुल-साइज ट्रॉली बैग एवं 10 सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
– महालक्ष्मी चश्मा की ओर से 10 सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
– टीवीएस शोरूम की ओर से 5 आकर्षक पुरस्कार दिए गए।
– व्यापार संघ की ओर से भी बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सुरक्षा जवानों का भी हुआ सम्मान
समिति ने गरबा करने वाले सभी प्रतिभागियों, बहनों, एसआईएस के जवानों और गरबा प्रशिक्षकों को पुरस्कृत कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, शानदार संगीत और गायन से महोत्सव में चार चांद लगाने वाले बैंड तथा सभी गायकों को रोहित मिश्रा जी की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रायोजकों, कलाकारों, प्रशिक्षकों, सुरक्षा जवानों और नगरवासियों के योगदान की सराहना की।
🙏 प्रथम वर्ष की सफलता ने अगले वर्ष के लिए जगाई नई उम्मीद
प्रथम वर्ष में ही संगम सेवा गरबा महोत्सव को मिला जनसमर्थन समिति के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बना। निःशुल्क आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने, महिलाओं और बच्चों को मंच देने तथा स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास सफल रहा।
समिति ने सभी सहयोगियों एवं नगरवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी समिति की मेहनत, सभी सहयोगियों के विश्वास और जशपुरवासियों के अपार स्नेह की जीत है। समिति ने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होगा।
दीपों की रोशनी, गरबा की थिरकन, पुरस्कारों की खुशियां और समिति के अथक परिश्रम की कहानी के साथ 19 अक्टूबर 2026 को प्रथम वर्ष संगम सेवा गरबा महोत्सव का यादगार समापन हुआ। पहले ही वर्ष में लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाने वाला यह आयोजन जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक सराहनीय पहल बनकर उभरा।


